देश में कोरोना का रिकवरी रेट 86 फीसदी,विश्व में भारत नंबर-1पर

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नई दिल्ली
कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक खुशखबरी सामने आई। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने बताया कि देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन राहत की बात ये है कि मरीजों के ठीक होने की संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना का रिकवरी रेट 86 फीसदी हो गया है। वहीं विश्व में रिकवरी रेट के मामले में भारत पहले स्थान पर है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से ठीक होने वाली मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और मृत्यु दर में कमी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हम केस को पहले पकड़ पाए हैं, टेस्टिंग की सुविधा बढ़ाई गई है। पिछले 24 घंटों में 1 लाख से अधिक कोरोना मरीज हुए ठीक। एक दिन में सबसे अधिक रिकवरी हुई है। अब कुल रिकवर मामलों की संख्या लगभग 45 लाख है। इसके बाद देश में कोरोना का रिकवरी रेट 80.86% पर पहुंच गया है।

भारत दुनिया में रिकवरी के मामले में सबसे आगे
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत में कोरोना वायरस मरीजों के ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसीलिए सक्रिय मामलों और रिकवर मामलों के बीच का अंतर भी बढ़ रहा है। विश्व में रिकवरी रेट के मामले में भारत नंबर-1 पर पहुंच गया है। विश्व में टोटल रिकवरी रेट जो कि कुल 86 प्रतिशत है इसमें भारत की हिस्सेदारी 19.5 प्रतिशत है, वहीं दूसरे नंबर पर अमेरिका की जिसकी हिस्सेदारी 18.6 प्रतिशत, वहीं ब्राजील 16.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ तीसरे नंबर पर है।

दिल्ली ने फिर बढ़ाई टेंशन
दिल्ली में मामले बढ़े हैं, इसलिए फिर से दिल्ली सरकार से बात की जा रही है। दिल्ली में अचानक मामले बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार से इस बारे में फिर से चर्चा की जा रही है। बता दें कि कुछ दिन पहले तक दिल्ली में एक हज़ार के आसपास मामले सामने आने लगे लेकिन अब दो हज़ार से अधिक मामले सामने आने लगे हैं। इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

लगातार बढ़ रही जांच की रफ्तार
राजेश भूषण ने कहा कि देश में 1 करोड़ टेस्ट 7 जुलाई तक किए गए हैं। वहीं एक करोड़ से 3 करोड़ टेस्ट करने में 27 दिन लगे हैं। देश में 17 सितंबर तक 6 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं तीन और चार सितंबर को हमने 11 लाख से ज्यादा सैंपल की जांच की। अब तक 6 करोड़ से ज्यादा जांच हो चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 14 राज्यों में पांच हजार से भी कम मामले हैं। वहीं प्रति 10 लाख की आबादी पर जांच की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत में चिकित्सा प्रोटोकॉल में जरूरत के अनुसार बदलाव लाए गए हैं।