दलित महिला से 3 आरोपियों ने किया गैंगरेप,4 दिन तकFIRनहीं ,पीड़िता ने फांसी लगाई

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नरसिंहपुर
 मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में भी यूपी के हाथरस जैसा कांड सामने आया है। नरसिंहपुर जिले में एक दलित महिला के साथ गैंगरेप  हुआ। पीड़ित महिला 4 दिनों तक एफआईआर लिखाने के लिए परिजनों के साथ थानों के चक्कर काटती रही, लेकिन पुलिस ने उल्टे पीड़ितों से ही गाली-गलौज की और पैसे मांगे। निराश पीड़िता ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या  कर ली। मामला तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  ने एडिशनल एसपी और एसडीओपी को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा एफआईआर नहीं लिखने वाले चौकी प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने का निर्देश भी सीएम ने दिया है।

मामला 28 सितंबर का है जब नरसिंहपुर के रिछाई गांव में रहने वाली दलित महिला खेत में घास काटने गई थी जब पड़ोस में रहने वाले तीन आरोपियों ने वहीं पर उसके साथ गैंगरेप (Gang Rape in Narsinghpur) किया। परिजनों का आरोप है कि वे शिकायत लिखाने के लिए गोटिटोरिया चौकी और चीचली थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं किया। पुलिसवालों के रवैये से परेशान पीड़िता ने घर में ही फांसी लगा दी।

पीड़ित महिला के परिजनों का आरोप है कि थाने में पुलिस ने उन्हें मेडिकल जांच के लिए कहा। अगले दिन जब पीड़िता और मेडिकल रिपोर्ट के साथ वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने परिजनों को ही थाने में बिठा कर रख लिया। पीड़िता के साथ गाली-गलौज की और परिजनों को छोड़ने के बदले में पैसे मांगे। पीड़िता के पति और ससुर का कहना है कि पुलिस ने गाली-गलौज करने के बाद उनके खिलाफ धारा 151 लगा दी। उन्हें रात 9 बजे तक थाने में रोककर रखा और पैसे लेने के बाद ही घर जाने दिया। चार दिन तक पुलिस वाले पीड़िता और परिजनों को भटकाते रहे और अंत में उसने अपनी जान दे दी।

महिला की आत्महत्या के बाद इलाके में खबर फैल गई और लोग रोष जताने लगे तो पुलिस ने आनन-फानन में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी अब भी फरार है। इधर, आक्रोशित परिजनों को शांत करने के लिए एसडीओपी ने मोर्चा संभाला।

इस बीच मामला तूल पकड़ता देख मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडिशनल एसपी और एसडीओपी को पद से हटा दिया गया है। एफआईआर नहीं लिखने वाले चौकी प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि छुट्टी पर गए एसपी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।