ड्रग पैडलर के नुमांइंदे पार्टियों में परोसते थे नशीले ड्रग्स

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रायपुर
छत्तीसगढ़ इन दिनों उड़ता पंजाब बनता जा रहा है। दिनों दिन युवाओं में किसी ने किसी आॅकेज? को लेकर क्लब,रेस्टारेंट मॉल और फूडजोन में जो पार्टियों का चलन बढ़ते जा रहा है उसमें नशीले ड्रग्स का व्यापार काफी फलफूल रहा है और ऐसी पार्टियों को ड्रग्स पैडलर ने अपना निशाना बना रखा है। युवाओं की इन पार्टियों में ड्रग्स पार्टियों में जिन युवतियों के द्वारा ड्रग्स परोसी जा रही थी वह फिलहाल पुलिस के चुंगलमें नहीं फंसी है लेकिन उम्मीद है कि वे ज्लद ही शिकंजे में होंगी।

भिलाईके रिसाली इलाके से पकड़ाए ड्रग पैडलर आशीष जोशी के मोबाइल का डेटा रिकवर करने के बाद पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है। पैडलर के मोबाइल से शहर के 25 कारोबारियों समेत कई छात्रों के नाम मिले हैं। इस वजह से पुलिस ने पैडलर की मंगेतर को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। गिरोह में शामिल युवक-युवतियों की पुलिस तलाश कर रही है रायपुर के एएसपी सिटी लखन पटले से मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस ने दो दिन पहले जिस ड्रग पैडलर आशीष को रिसाली भिलाई से पकड़ा था। उसके मोबाइल से हाई प्रोफाइल पार्टी में ड्रग का उपयोग करने वाले बड़े कारोबारी और कॉलेज छात्रों का नाम मिले हैं। नामों की तस्दीक करने के साथ लिस्ट में शामिल 25 लोगों को पूछताछ के लिए रायपुर तलब किया जाएगा। इसके पहले पैडलर की मंगेतर की भूमिका पता लगाने के पूछताछ की जाएगी। पुलिस के मुताबिक गिरोह के मास्टरमाइंड अभिषेक के पकड़े जाने के बाद बाकी पैडलर्स ने अपने मोबाइल का डेटा डिलीट कर दिया है। डाटा डिलिट किए जाने से पुलिस को थेड़ी परेशानी हो रही है लेकिन पुलिस की सायबर सेल डाटा रिकवरी में लगी हुई जिसके चलते

डेटा रिकवर होते ही इसमें अन्य लोगों की संलिप्ता का पता चल जायेगा साथ ही आरोपियों को धरने में भी असानी होगी। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि ड्रग पैडलर और उसकी मंगेतर ने मिलकर रायपुर समेत अन्य शहरों में पार्टी अरेंज की थी। ड्रग्स की ज्यादा खपत रिसाली,सिविक सेंटर और दुर्ग में है। स्टांप नाम का ड्रग नागपुर के मोमिनपुरा से मंगाया जाता है। इसके बाद नशा आसानी से पूडिय़ों में बेचा जाता है। कोकीन ,एमडी के बाद स्पांट का नशा पिछले कुछ दिनों से शहर में बड़ी मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। इसका उपयोग ज्यादातर कॉलेज के छात्र कर रहे हैं।