जिंदा दफनाए गए 90 साल के व्यक्ति के शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम को भेजा गया

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शिलांग
मेघालय के वेस्ट खासी हिल जिले में 90 वर्षीय जिस व्यक्ति को जादू टोना करने के शक में कथित तौर पर उसके परिजनों द्वारा जीवित दफन कर दिया गया था, उसके शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोरिस मरनगर नामक व्यक्ति की हत्या के मामले के संबंध में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शव के हाथ और पांव बंधे हुए थे और चेहरा ढंका हुआ था। पुलिस ने कहा कि शव को मौलियेहबह मॉनर गांव में पांच फुट गहरे गड्ढे से सोमवार को निकाला गया। पुलिस अधीक्षक हर्बर्ट लिंगदोह ने कहा, ''सात अक्टूबर को हुई घटना के संबंध में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।''

समुदाय के एक नेता ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मरगनर के बच्चों ने उसके लापता होने की सूचना गांव के अधिकारियों को दी थी। इससे एक दिन पहले मरगनर को उसके घर से जबरदस्ती निकालकर ले जाया गया था। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई थी और तीन मुख्य आरोपी डेनियल, जेलेस और डिफरवेल को रविवार को गिरफ्तार किया गया। मृतक के कुछ रिश्तेदारों ने संवाददाताओं से कहा कि मरगनर परिवार के सदस्यों पर जादू टोना करता था। मौलियेहबह गांव की परिषद ने इस हत्याकांड की निंदा की है। परिषद के सदस्य बी एस नोंगफूड ने कहा कि मोरिस जैसे गांव के वरिष्ठ निवासी की मौत पर गांव गमगीन है। पुलिस उपाध्यक्ष बी खरझाना ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हत्या के मामले में परिवार के 18 सदस्य शामिल हैं।