जानिए क्‍या है टाइप 2 डायबीटीज कंट्रोल करने का कारगर तरीका

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टाइप 2 डायबीटीज से जूझ रहे अधिकांश लोग ओवरवेट हैं और मोटापे से परेशान हैं। इससे उनकी सेहत पर कैंसर समेत कई भयानक रोगों का जोखिम मंडराता रहता है। कहा जाता है कि डायबीटीज के पेंशेंट के ऊपर दिल के रोगी होने का दोगुना रिस्‍क भी होता है। अगर सही जीवनशैली न अपनाई गई तो कैंसर तक हो सकता है। आइए जानें कि किस तरह टाइप 2 डायबीटीज के मरीज ब्‍लड शुगर पर प्रभावी नियंत्रण कर सकते हैं।

डायबीटीज के मरीजों पर सबसे बड़ा जोखिम बढ़ते वजन की वजह से होता है। इसके अलावा अगर आपको डायबीटीज नहीं है और आपके पेट के आसपास आपके कूल्‍हे और जांखों से ज्‍यादा चर्बी है तो आपके शुगर पेशेंट होने की आशंका बढ़ जाती है। यह कहा जाता है कि जिन महिलाओं की कमर का नाप 35 इंच से ज्‍यादा और पुरुषों की कमर का घेरा 40 इंच से ज्‍यादा है उनके टाइप 2 डायबीटीज के रोगी होने का खतरा सबसे ज्‍यादा है।

कसरत और सही डायट यानि हेल्‍दी लाइफ स्‍टाइल
कसरत और सही खानपान के जरिए न केवल ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है बल्कि डायबीटीज को रोका भी जा सकता है। पर अगर आपको डायबीटीज हो गया है तब भी इसका यह मतलब नहीं कि आपको जीवन भर के लिए मीठा छोड़ना पड़ेगा या बेस्‍वाद खाना खाना होगा।

अगर थोड़ी सूझबूझ से खाने की चीजों का चुनाव किया जाए तो न केवल आपका वजन कम होगा और ब्‍लड शुगर नियंत्रित रहेगी बल्कि आपका संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य भी बेहतर रहेगा। इसके लिए फाइबर से भरपूर, हाई क्‍वॉलिटी प्रोटीन, हेल्‍दी फैट और दूसरे जरूरी पोषक तत्‍वों को अपनी डायट में शामिल करना होगा।

जिन लोगों को डायबीटीज है उन्‍हें अपनी डायट में कॉम्प्लेक्स कर्बोहाइड्रेट जैसे साबुत अनाज, सब्जियां और लो सैचुरेटेड फैट शामिल करनी चाहिए। वे लो-फैट मीट और डेयरी उत्‍पाद ले सकते हैं। या तो चीनी से बनी चीजों से परहेज करें या उन्‍हें कम खाएं। हर रोज कम से कम 45 मिनट हल्‍की कसरत या भागदौड़ करना भी जरूरी है।

ऐसा करने से न केवल शुगर कंट्रोल रहेगी बल्कि वजन भी कंट्रोल होगा। कहा जाता है कि अगर वजन में 5 से 10 प्रतिशत की भी कमी होगी तो ब्‍लड शुगर, बीपी और कलेस्‍ट्रॉल अपने आप कम हो जाएगा।

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