जलंधर जलाशय में कृषि भूमि डूब में आने के बाद 10 वर्षों से भटक रहे कृषक

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जरुवाखेड़ा
सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाली जलंधर मौजा के बेरखेड़ी ननऊ के किसानों को जलंधर जलाशय कृषि भूमि डूब में आने के बाद भी शासन के द्वारा मुआवजा नहीं दिया गया। जिससे किसान आक्रोशित हैं जलंधर जलाशय शासन के द्वारा वर्ष 2010 में निर्माण कार्य करवाया गया था। जिसमें जलंधर समेत बेरखेड़ी ननऊ कि किसानों की जमीन डूब में आ गई थी। जिसके चलते शासन ने किसानों को मुआवजा राशि मुह चीन -चीन कर तत्कालीन पटवारी तहसीलदार की मिलीभगत से वितरित कराई गई थी। जिसमें क्षेत्र के प्रभावशाली किसानों को ज्यादा मुआवजा राशि एवं गरीब किसान हरिजनों को कम मुआवजा राशि शासन की रेट 1140 मिलना था। लेकिन 1040 का रेट किसानों को दिया गया था।

ग्राम बेरखेड़ी के किसान कुसुम रानी पति कूरे अहिरवार ने बताया कि हम लोगों की 8 एकड़ जमीन है, जिसमें उस समय मात्र 2 एकड़ जमीन का शासन के द्वारा मुआवजा दिया गया, बाकी 6 एकड़ भूमि आज भी जलाशय के पानी से लबालब भरी हुई है। मैंने इसकी शिकायत कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार से कई बार की लेकिन आज दिनांक तक मेरी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया और न ही मुझे डूबी जमीन का मुआवजा मिला है।

ऐसे ही अन्य किसान हैं सूरत पिता फूल सिंह चढ़ार प्रेम रानी पति भरोसी पटेल गेंदा रानी पति राजकुमार हरिराम पिता करण सिंह नंदराम पिता भाव सिंह डोलन  पिता परमानंद पदमचंद पिता चिनतामन जैन इन किसानों की भी भूमि जलाशय के पानी से भरी है लेकिन इन लोगों को भी आज तक मुआवजा नहीं मिला है।

वहीं दूसरी ओर विधवा कृषक गेंदा रानी पटेल ने बताया कि मेरी यहां पर 5 एकड़ जमीन है और जलाशय निर्माण हुए 10 साल हो चुके हैं लेकिन मुझे आज दिनांक तक शासन के द्वारा कृषि भूमि का मुआवजा नहीं मिला है। मेरी 3 एकड़ जमीन डूब में आ रही है मैंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की लेकिन आज तक कोई भी ध्यान नहीं दिया गया और न ही शासन के द्वारा मुआवजा मिला है।

जलाशय के उपयंत्री आरएस शर्मा से बात की तो उनका कहना है कि इन किसानों के द्वारा 2 वर्ष पूर्व शिकायत की गई थी। जिस पर एसडीएम के द्वारा टीम गठित कर मौका स्थल का निरीक्षण करवाया गया था। टीम के द्वारा कलेक्टर एसडीएम को रिपोर्ट में कहा गया था कि मौके स्थल पर कोई भी जमीन डूब में नहीं पाई गई। जिसके चलते उनकी शिकायत निरस्त कर दी गई थी।

वही इस संबंध में राहतगढ़ के नायब तहसीलदार आदर्श जैन से बात की तो उन्होंने बताया कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है चुनाव के बाद एक बार फिर से इन किसानों के आवेदन दिला देना तो मैं जांच करके कार्रवाई कर उक्त किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश करूंगा।