छठ पर पत्‍नी नेे मायके से लौटने से किया इनकार तो पति ने साली की बेटी का कर लिया अपहरण

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 गोरखपुर  
पत्नी की विदाई कराने के लिए ससुराल आए बिहार के एक युवक ने अपनी साली की तीन साल की बच्ची का ही बुधवार की आधी रात को अपहरण कर लिया। अपहरण की सूचना पर सक्रिय हुई तिवारीपुर पु‌लिस ने केस दर्ज कर 12 घंटे के भीतर ही बच्ची को बरामद कर लिया। गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे तिवारीपुर पुलिस ने डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन से आरोपित मौसा को गिरफ्तार कर लिया।

घटना का खुलासा करते हुए सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने बताया कि तिवारीपुर इलाके की तीन साल की बच्ची का बुधवार की रात करीब 12 बजे अपहरण कर लिया गया था। तीन साल की बच्ची के अपहरण की सूचना सामने आने के बाद एसएसपी जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ की अगुवाई में तिवारीपुर इंस्पेक्टर संदीप सिंह व उनकी टीम को तत्काल लगाया गया। 

अपहरण का केस दर्ज करने के बाद पुलिस टीम ‌तुरंत सक्रिय हुई और सर्विलांस की मदद से बिहार के बगहा निवासी आरोपित युवक को गुरुवार दोपहर में करीब एक बजे डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन से पुलिस ने गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया। सीओ ने बताया कि बच्ची को बिहार ले जाने के लिए आरोपित ट्रेन के इंतजार में था। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराकर उसे परिजनों के हवाले कर दिया और आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया। सीओ ने बताया कि आरोपित युवक वाहन चालक है। वह बगहा बिहार व पडरौना कुशीनगर से चोरी के आरोप में दो बार जेल जा चुका है। वहीं बच्ची का पिता भी ऑटो चालक हैं।

पत्नी को मायके से ले जाने के लिए किया ऐसा
आरोपित ने बताया कि उसकी पत्नी का मायका तिवारीपुर इलाके के एक मोहल्ले में है। उसकी पत्नी छठ मनाने के लिए 11 नवंबर को मायके आई थी। पत्नी को घर ले जाने के लिए 16 नवंबर को वह आया था। पत्नी को उसने घर चलने के लिए कहा ‌तो उसने कहा कि वह उसके लिए कपड़ा खरीद दे तभी चलेगी। इसके बाद आरोपित युवक ने 4500 रुपये का कपड़ा खरीद दिया। युवक ने कहा कि उसके बाद भी पत्नी जाने को तैयार नहीं हुई। उस समय राजघाट इलाके की रहने वाली उसकी साली भी मायके आई थी। पत्नी पर घर चलने का दबाव बनाने के लिए आरोपित युवक ने 18 नवंबर की रात करीब 12 बजे बच्ची को उठा ले गया। घरवालों को जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उधर, आरोपित पूरी रात डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन पर बच्ची को लेकर बैठा रहा। आरोपित का कहना है कि वह सिर्फ पत्नी पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया था। अपहरण की मंशा नहीं थी। हालांकि पुलिस का कहना था कि वह बिहार जाने वाली ट्रेन का वह इंतजार कर रहा था।

तीन साल की बच्ची के अपहरण से डर गई थी पुलिस 
बच्चियों के साथ जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से घटना सामने आ रही है उसको लेकर जैसे ही बुधवार की रात में तीन साल की बच्ची के अपहरण की खबर पुलिस को हुई, पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। हाल के दिनों के गगहा की घटना ने भी पुलिस को डरा दिया था लिहाजा रात से ही पुलिस सक्रिय हो गई। अनहोनी की आशंका बच्ची के परिवार के साथ पुलिस के मन में भी खौफ पैदा कर रहा था। नए-नए तिवारीपुर के थानेदार भी डर गए थे। फिलहाल यह डर और तेज कार्रवाई का ही नतीजा था कि बच्ची को 12 घंटे के अंदर बरामद कर लिया गया।