खासगी ट्रस्ट की जांच करेगी EOW, देवी अहिल्याबाई की 246 परिसंपत्तियां

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भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार (MP) ने देवी अहिल्या बाई की परिसंपत्तियों की देखरेख करने वाले खासगी ट्रस्ट की जांच का आदेश दे दिया. गड़बड़ी की जांच का जिम्मा EOW को सौंप गया है. इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं.इसके के लिए स्पेशल पुलिस सपोर्ट टीम बनायी जाएगी.

इंदौर की देवी अहिल्या बाई की परिसंपत्तियों की देखरेख करने वाले खासगी ट्रस्ट की जांच की जाएगी. सोमवार को हाई कोर्ट के फैसले के बाद सरकार अब एक्शन मोड पर है. अहिल्या बाई की परिसंपत्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी कोर्ट ने राज्य सरकार को सौंपी है. कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक कर परिसंपत्तियों में गड़बड़ी की जांच का जिम्मा EOW को सौंप दिया. EOW परिसंपत्तियों की देखरेख के लिए बने खासगी ट्रस्ट की कार्यशैली और गड़बड़ियों की जांच करेगा. इसके साथ ही सरकार राजस्व विभाग में एक अलग से समिति बनाने जा रही है जो इन परिसंपत्तियों के संबंध में, भूमि से संबंधित, रखरखाव और निगरानी का काम करेगी.

एक्शन में सरकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त निर्देश दिया है कि हर हाल में देवी अहिल्या की संपत्ति वापस लेकर ज़रूरी कार्रवाई की जाए. मंत्रालय में अफसरों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने खासगी ट्रस्ट के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. जिन ज़मीनों पर अवैध निर्माण है और जिसे खुर्द बुर्द करने की कोशिश की गई है उसकी जांच का जिम्मा भी सौंपा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट के लोगों ने जो संपत्ति बेची हैं, राज्य सरकार उन पर कानूनी कार्रवाई करेगी. इस मामले में कोर्ट में भी सरकार पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी. जहाँ निर्माण हुआ है उन्हें हटाकर यथा स्थिति में पहुंचाने के लिए कहा गया है. इसके के लिए स्पेशल पुलिस सपोर्ट टीम बनायी जाएगी.

नगर पंचायतों को बिजली सब्सिडी
इसके अलावा आज हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के नगरीय निकायों और नगर पंचायतों को बिजली सब्सिडी के लिए 11.85 करोड़ की राशि देने का फैसला किया गया. यह राशि 2019- 2020  और 2020-2021 की बिजली योजना के तहत दी जाएगी.

सिंधिया ट्रस्ट की जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए सिंधिया ट्रस्ट की भी जांच की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस के ग्वालियर-चम्बल संभाग के मीडिया प्रभारी के.के. मिश्रा ने कहा सरकार ने जितनी फुर्ति देवी अहिल्या की परिसंपत्तियों की जांच में दिखायी है उतनी ही फुर्ति सिंधिया ट्रस्ट की ज़मीनों की जांच में भी दिखाए