कोरोना संकट में मिले इस कीमती समय को अवसर में बदले: पांडेय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर अंतर्गत आज के विशेष कक्षा में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के असिस्टेंट डायरेक्टर व स्टेट लेवल ट्रेनर प्रशांत कुमार पाण्डेय ने बताया कि लॉकडाउन में पढ़ाई कैसे करें। कोरोना जैसे इस वैश्विक महामारी से जहाँ पूरी दुनिया एक तरफ जूझ रही है वहीं बच्चों की पढ़ाई लिखाई कैसे हो यह चिंतनीय है।

लॉक डाउन की अवधि में खाना, पीना, सोना सब कुछ अनिश्चित सा हो गया है। क्या तो हम एैसे समय में सीखना बंद कर दे नही हम कुछ नया करने की सोचें। ऐसे कीमती समय को अवसर में बदलने हमशिक्षकों और पालकों को जहां रचनात्मक कार्य करना चाहिए वही बच्चों को सुव्यवस्थित प्लानिंग कर पढ़ाई करनी चाहिए।

सबसे पहले तो हम अपने आप को स्वस्थ्य रखने, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से यथासंभव काढ़ा इत्यादि का सेवन करें। यदि आपका पढ़ाई में मन नहीं लगता तो अपने आसपास के उन सफल व्यक्तियों को देखे उनके पास उपलब्ध संसाधनों को देखे फिर यह सोंचे कि उनके पास यह कैसे आया। आप पायेंगे पढ़ाई, लगन, मेहनत से ही। जो आप भी कर सकते है। बच्चें अपने पढ़ाई लिखाई के लिए समय सारणी बनाएं। ब्रम्ह मुहूर्त में कम से कम दो घण्टे अवश्य पढ़ाई करें। बीच-बीच में मनोरंजन भी करें जिससे आप चार्ज होते रहेंगे। लगातार पढ़ाई न करें पढ़ाई-अन्य कार्य-फिर पढ़ाई करें। अपने घर में पढ़ाई के लिए एक स्थान का चयन करें। पढ़ाई में ध्यान केन्द्रित हो इसलिए उस कमरे से अनावश्य संसाधन को हटा दे। परिवार के सदस्यों के साथ चाय, नास्ता, भोजन इत्यादि करें। चाय, कॉफी का अधिक सेवन न करें तथा सुपाच्य भोजन करें।

श्री पाण्डेय ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें। रटने के बजाय स्पष्ट समझ के साथ पढ़ाई करें। यदि आवश्यक हो तो नोट्स बनाए। दिनभर किए गए पढ़ाई का स्वमूल्यांकन करें जहाँ कमियाँ है उसे सुधारे और आगे बढ़े। भले ही आप घर में रहकर आॅनलाईन या फलाईन पढ़ाई कर रहे हो फिर भी स्कूल के जैसे ही अनुशासन का पालन करें। पढ़ाई के अलावा रूचि अनुसार गाना, पेंटिंग, डांसिंग के अलावा अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ भी कर सकते हैं वो करें। श्री पाण्डेय ने बच्चों के पालकों से बच्चों की पढ़ाई के लिए सकारात्मक वातावरण निर्माण करने में सहयोग प्रदान करने की अपील की।