केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों के स्कूल जाने के लिए अभिभावक की लिखित अनुमति होगी जरूरी

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नई दिल्ली 
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कहा कि राज्य 15 अक्टूबर के बाद स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को फिर से खोलने के संबंध में निर्णय लेंगे। निशंक ने कहा कि जब अक्टूबर के मध्य में क्रमबद्ध तरीके से स्कूल खुलेंगे तो अटेंडेंस अनिवार्य नहीं होगा और फिजिकली कक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए अभिभावक की सहमति ली जाएगी।  उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि माता-पिता की लिखित सहमति से ही छात्र स्कूल में जा सकते हैं। छात्रों के लिए अटेंडेंस की अनिवार्यता लागू नहीं किया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्कूल को खोलने के लिए अपनी तरफ से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेंगे जिसमें स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सावधानियों को शामिल किया जाएगा।  साथ में उन्होंने ने स्थानीय स्तर की जरूरतों का भी ख्याल रखने की बात कही है। मंत्री ने यह भी कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई को प्रोत्साहित किया जाएगा। पूछे जाने पर सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एसओपी में शिक्षा मंत्रालय भौतिक दूरी सुनिश्चित करने, परिसरों के परिसरों का सेनेटाइजेशन और छात्रों के आने-जाने के प्रोटोकॉल जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा सकता है।  इसके साथ-साथ मंत्रालय की ओर के यह भी निर्देश दिया जा सकता है कि शुरुआती कुछ हफ्तों में स्कूल कोई परीक्षा आयोजित न करें। अधिकारी ने कहा कि टाइम टेबल को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि भीड़ इकट्ठी न हो। इसके अलावा ऑनलाइन क्लासेस भी चलते रहेंगे।