कुपोषण की रोकथाम और कोविड-19 से बचाव के लिए मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

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रायपुर
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान और छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए बनाए जाने वाले आई.ई.सी. कार्य योजना की मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने ां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने कुपोषण की रोकथाम और कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए विभिन्न दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रगति की समीक्षा करते हुए मण्डल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राज्य में कुपोषण की दर में कमी लाने के लिए 15 वर्ष की बालिकाओं सहित गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष तक के बच्चों को लक्ष्य बनाकर कार्य करना होगा। इसके लिए उन्हें एनिमिया, मलेरिया, डायरिया जैसे गंभीर बीमारियों से बचाने के साथ ही साथ नियमित अंतराल में क्रीमी की दवा और पौष्टिक भोजन दिया जाना बेहद जरूरी है। विशेष रूप से बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग के सभी जिलों में कुपोषण मुक्ति के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से सभी विभागों को कार्य योजना बनाकर एक साथ उसका क्रियान्वयन करना होगा। उन्होंने बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रत्येक जिले में 10-10 गांवों का चिन्हांकन करने और वहां कुपोषण मुक्ति के लिए सभी विभागों द्वारा समन्वित कार्ययोजना के निर्देश दिए हैं।

मण्डल ने कोविड-19 से बचाव के लिए जन-जागरूकता लाने बनायी जा रही कार्ययोजना की समीक्षा की। इस कार्य योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा। मण्डल ने मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करने, आपस में दो गज की दूरी-सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने और हाथों की नियमित सफाई को पूरे राज्य में अनिवार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। उन्होंने कहा है कि इन तीनों जरूरी दिशा निदेर्शो का पालन करके कोविड-19 के संक्रमण से बचा जा सकता है। जब तक इस बीमारी से बचने वैक्सीन उपलब्ध नही हो जाता है तब तक यही तीनों उपाय प्रभावी है। उन्होंने कहा है कि जिन स्थानों पर लोगों का आना-जाना अधिक होता है। जैसे हाटबाजार, राशन की दुकान, अस्पताल, शासकीय कार्यालय, शराब की दुकान, पेट्रोल पम्प आदि जगहों पर मास्क और सोशल डिस्टेसिंग को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। उन्होंने  समस्त नगरीय निकायों में इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए है। आगामी तीन महीनों में पड?े वाले विभिन्न त्यौहारों को देखते हुए इसका पालन अनिवार्य रूप से कराने कहा गया है। साथ ही समस्त विभाग प्रमुखों से कहा है कि विभागों द्वारा संचालित किए जा रहे समस्त संस्थाओं में मास्क-सोशल डिस्टेंसिंग-हेंड सेनेटाइजेशन को अनिवार्य रूप से लागू कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-समय पर शासकीय कार्यालयों में निरीक्षण करने और मास्क-सोशल डिस्टेंसिंग-हेंड सेनेटाइजेशन के व्यवहार का निरीक्षण करने और शासकीय कर्मियों द्वारा इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग श्रीमती रेणु पिल्ले, सचिव महिला एवं बाल विकास आर.प्रसन्ना, सचिव सामान्य प्रशासन डी.डी. सिंह, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. प्रियंका शुक्ला एवं अन्य सचिव स्तर अधिकारी भी उपस्थित थे।