कांग्रेस हो या BJP, CPI या फिर RJD, हर किसी के साथ चुनाव लड़ने वाली LJP का क्या रहा है अब तक के चुनाव में रिपोर्ट कार्ड

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पटना 
बिहार विधानसभा चुनाव में हर बार लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) किसी न किसी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है लेकिन 2020 के चुनाव में पहली पार्टी अकेले ही चुनावी मैदान में उतरी है। यह फैसला रविवार को लोजपा की हुई बैठक में लिया गया है जिसकी अध्यक्षता राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान कर रहे थे। लोजपा वर्ष 2000 में अस्तित्व में आई थी। इसके पांच साल बाद फरवरी, 2005 में वह पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरी थी। इस चुनाव में लोजपा का स्पष्ट रूप से तो किसी दल से गठबंधन तो नहीं था। पर, कांग्रेस के साथ तालमेल जरूर हुआ था। दोनों ने कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी नहीं दिए थे। इसका लाभ लोजपा को मिला और उसके 178 प्रत्यार्शियों में 29 को जीत मिली थी। अबतक की विधानसभा चुनाव में यह उसकी सबसे बड़ी जीत थी।  

सीपीआई के साथ चुनाव लड़ने पर मिली थीं 10 सीटें
वर्ष 2005 अक्टूबर-नवंबर में हुए चुनाव में लोजपा ने सीपीआई के साथ गठबंधन किया। लोजपा के प्रत्याशी 203 जगहों पर लड़े, जिनमें दस की जीत हुई थी। गौरतलब है कि इसके एक साल पहले ही यानी वर्ष 2004 में एनडीए से अलग हुई थी। तब वह केन्द्र की वाजपेयी सरकार में शामिल थी। वर्ष 2010 में राजद के साथ गठबंधन हुआ और लोजपा के 75 उम्मीदवार मैदान में उतरे। पर, लोजपा को मात्र तीन सीटों पर ही जीत मिली। वहीं 2015 में लोजपा एनडीए के तहत चुनाव लड़ी और 42 सीटों पर लड़ी। इनमें मात्र दो पर ही उसे जीत मिली। वर्ष 2010 के चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिली तब लोजपा राजद के साथ थी। वहीं 2015 में जब राजद-जदयू के महागठबंधन की बिहार में बड़ी जीत हुई तब लोजपा एनडीए का अंग थी। इस तरह देखें तो लगातार दो विधानसभा चुनाव में लोजपा का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। उन दोनों ही चुनाव में जदयू का जिसके साथ गठबंधन रहा, उसे ही बड़ी जीत मिली।

बीजेपी और जेडीयू के साथ भी मिलकर लड़ा चुनाव
लोजपा ने अपने बूते 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी की है। लोजपा ने यह भी साफ किया है कि वह जहां भाजपा के उम्मीदवार होंगे, वहां अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करेगी। अगर ऐसा हुआ तो इस साफ मतलब होगा कि लोजपा और भाजपा में आपसी सहमति बन गई है। ऐसे में जदयू निशाने पर होगा। दूसरी ओर, भाजपा को जदयू और लोजपा दोनों का लाभ मिलेगा।