एक हफ्ते में पूरी होगी 31,661 सहायक अध्यापकों की भर्ती: सीएम योगी 

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 लखनऊ                  
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी प्राइमरी स्कूलों में चल रही 69000 शिक्षक भर्ती एक हफ्ते के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इनमें 31660 पदों पर भर्ती के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 37,339 पदों को शिक्षामित्रों के लिए छोड़ा गया है। इस भर्ती में कट ऑफ मामला सुप्रीम कोर्ट में है और 21 मई को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है कि शिक्षामित्रों के लिए पदों को छोड़ कर बाकी भर्ती पूरी की जाए।

क्या है मामला- 
दरअसल शिक्षामित्र कट ऑफ अंकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं। इसमें रामशरण मौर्य बनाम राज्य सरकार मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में 65/60 कट ऑफ पर फैसला सुनाया। लेकिन इसके विरोध में शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट चले गए और पिछली भर्ती की तरह 45/40 कट ऑफ करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षामित्रों का दावा है कि शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में लगभग 45 हजार शिक्षामित्रों ने फार्म भरा था। उत्तरमाला के मुताबिक 45/40 अंकों पर 37 हजार से ज्यादा शिक्षामित्र पास हो रहे हैं। जबकि परीक्षा नियामक प्राधिकारी के मुताबिक 45/40 कट ऑफ पर केवल 8018 शिक्षामित्र  पास हुए हैं।

लिखित परीक्षा में पास सभी शिक्षामित्रों का शिक्षक बनना तय- 
इस परीक्षा में पास सभी शिक्षामित्रों का शिक्षक बनना लगभग तय है क्योंकि इन्हें प्रति वर्ष नौकरी के 2.5 अंक अधिकतम 25 अंक भारांक के तौर पर दिए जाएंगे। ये 25 अंक जुड़ने पर सभी की मेरिट ऊपर हो जाएगी। 

प्रदेश में तीन लाख पदों पर होनी हैं भर्तियां

दरअसल प्रदेश  सरकार अगले तीन महीनों में खाली पड़े लाखों सरकारी पदों पर भर्ती की बड़ी मुहिम शुरू करने जा रही है। करीब तीन लाख पदों पर भर्ती कर अगले साल मार्च तक चयनित युवाओं को नौकरी का नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उच्च अधिकारियों की बैठक में यह ऐलान किया। उन्होंने अब विभागों,भर्ती बोर्डों व  चयन आयोगों को इसी हिसाब से आगे काम करने को कहा है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि अब तक तीन लाख भर्तियां पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से हुईं हैं। इसी तरह आगे पारदर्शी तरीके से भर्तियां कराई जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव समेत सभी अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिवों को एक सपताह में खाली पदों का ब्योरा देने को कहा है। प्रदेश के 84 विभागों में लगभग तीन लाख पद खाली पड़े हैं। मुख्यमंत्री ने बाद में ट्वीट कर कहा, चयन प्रक्रिया में शुचिता व पारदर्शिता  हमारी नीति है और इसे प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाएगा।