एकतरफा प्यार में मासूम का अपहरण, ग्वालियर ले जाते पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार

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बिलासपुर
घटना तोरवा क्षेत्र के हेमूनगर की है जहां ग्वालियर का रहने वाला युवक किराये के मकान में रह रहा था और मालकिन से एकतरफा प्यार करने लगा गया, पति को जब जानकारी हुई तो उसने उसे घर से निकाल दिया और वह अपने बहन के यहां रहने लगा। महिला को अपने यहां बुलाने के लिए उसे उसके दो साल के मासूम को हथियार बनाने की सोची और उसका रविवार को अपहरण कर ले गया। चूंकि उस दिन अमरकंटक एक्सप्रेस निकल चुकी थी इसलिए वह सोमवार को बच्चे को लेकर वहां पहुंचा तो पुलिस की सूचना पर पेंड्रा जीआरपी पुलिस ने युवक को गिरफ्तार करने के बाद मासूम को परिजनों को सौंप दिया।

बापू उप नगर निवासी राजा समुंद्रे के परिवार में मां व पत्नी के अलावा दो साल का बेटा आर्यन भी है और उन्हीं के मकान में ग्वालियर निवासी कल्लू किराये पर रहता था। इस दौरान कल्लू को अपने मकान मालकिन से एकतरफा प्यार हो गया और वह अपने साथ भागने के कई बार कोशिश भी कर चुका था। इन सबसे से परेशान होकर पत्नी ने अपने पति को घटना की जानकारी दी और राजा ने कल्लू को किराये के मकान से बाहर निकाल दिया। इसी का बदला लेने के लिए उसने रोज की तरह वह रविवार शाम करीब 5 बजे आर्यन को घुमाने ले गया। जब देर रात तक नहीं लौटा तो बच्चे के परिजनों ने तोरवा थाने में गुमशुदमी का मामला दर्ज करवाया।

तोरवा टीआई परिवेश तिवारी ने बताया कि कल्लू के ग्वालियर के घर के बारे में किसी को पता नहीं था, यहां से वह केवल अपनी बहन से फोन पर बातचीत करता था। उसकी बहन का नंबर सर्विलांस पर रखा और रात को एक टीम ग्वालियर रवाना की गई। वहीं स्थानीय स्तर पर तलाश करने के साथ जीआरपी को भी सूचना दी गई। इस बीच जीआरपी से जानकारी मिली कि रविवार की देर रात एक युवक अपने साथ बच्चे को लेकर उसलापुर स्टेशन में घूम रहा है। पूछताछ में बच्चे के बारे में बताया कि वह उसके बड़े भाई का बेटा है। बच्चा भी खेलकूद रहा था, इसलिए संदेह नहीं हुआ। उस रात उसलापुर स्टेशन से मध्यप्रदेश की ओर जाने वाली कोई ट्रेन नहीं थी।

बिलासपुर से लेकर पेंड्रारोड तक सभी स्टेशनों को अलर्ट किया गया। सोमवार रात बच्चे के साथ आरोपी युवक पेंड्रारोड स्टेशन में नजर आया। वह बच्चे को पीठ पर लादे अमरकंटक एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। इसी बीच जीआरपी पुलिस उसे थाने लेकर आई और पूछताछ करनी शुरू की, इस बीच उसने बच्चे का फोटो वॉट्सऐप के माध्यम से तोरवा पुलिस के पास भेजी और पुष्टि कराई गई। पुलिस के पुष्टि होते ही आरोपी को जीआरपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को तोरवा पुलिस के हवाले कर दिया, जहां से मासूम को पुलिस ने मासूम को परिजनों को सौप दिया।