उपचुनाव: कांग्रेस के ‘गद्दार कैंपेन’ के जवाब में भाजपा का पोस्टर वॉर

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भोपाल
मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनावों को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में प्रचार अभियान तीखा होता जा रहा है। कांग्रेस ने पार्टी छोड़ने वालों के लिए जहां अपने कैंपेन में गद्दार शब्द का इस्तेमाल किया, इसके बदले में बीजेपी ने खुद्दार और मक्कार जैसे शब्दों के बाद ‘प्रदेश ने दिया था मौका-बदले में मिला धोखा’ कैंपेन शुरू किया है। इसमें कांग्रेस के वचन पत्र से उन वादों को उठाकर जनता के सामने पेश किया जा रहा है जो कमलनाथ सरकार पूरे नहीं कर पाई थी।

कांग्रेस के 15 महीने की सरकार पर लगातार हमले कर रही भाजपा अब चुनाव प्रचार जोर पकड़ने के साथ सोशल मीडिया पर और अधिक आक्रामक होने लगी है। कांग्रेस के गद्दार वाले आरोपों पर गद्दार नहीं खुद्दार, मक्कार जैसे कैम्पेन चलाने के बाद अब नया कैम्पेन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ शुरू किया गया है। इसमें सोशल मीडिया पर कमलनाथ सरकार की कमजोर कड़ियों की तलाश कर वार किया जा रहा है। बीजेपी ने अब नया कैम्पेन प्रदेश ने दिया था मौका, बदले में मिला धोखा के नाम से शुरू किया है।

इस कैम्पेन के अंतर्गत बीजेपी सोशल मीडिया पर कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में सामने आए जन विरोधी मामलों को हाईलाइट कर रही है। इसके जरिये लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि प्रदेश की जनता ने भले ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भरोसा करके सरकार चलाने का मौका दिया था लेकिन नाथ सरकार ने बदले में सिर्फ धोखा दिया है। इसमें कांग्रेस के  वचन पत्र के उन मसलों को तलाश कर सोशल मीडिया में ट्विटर, फेसबुक और अन्य प्लेटफार्म पर वायरल किया जा रहा है जो नाथ सरकार वादे के बावजूद पूरे नहीं कर पाई। अब तक 11 ऐसे मामले वायरल किए जा चुके हैं जिसमें सूत्रों का कहना है कि मतदान के पहले तक पार्टी दो से तीन नए सोशल मीडिया कैम्पेन भी लाने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी की सोशल मीडिया और आईटी सेल लगातार काम कर रही है।

इस कैम्पेन में बीजेपी कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में कन्यादान योजना में हुए 22500 विवाह की राशि नहीं दिए जाने, रेत के अवैध कारोबार पर नियंत्रण न हो पाने, कमलनाथ सरकार के करीबियों के यहां छापेमारी, सरकार रहने के दौरान पूर्व मंत्रियों के विरोध, बेरोजगारी भत्ता नहीं दिए जाने, किसान कर्जमाफी नहीं हो पाने के मामले सामने लाए जा चुके हैं। अभी इसकी सीरीज जारी रखने की तैयारी है।

कांग्रेस चुनावी कैम्पेन में पार्टी छोड़कर गए पूर्व विधायकों को ही टारगेट करके चल रही है। इसके अलावा सीएम शिवराज सिंह और अफसर भी निशाने पर हैं। शिवराज सरकार पर किसानों की आत्महत्या के मामले में झूठ बोलने और किसानों के लिए बाढ़ राहत नहीं देने के मामले में झूठ बोलने और फरेब की राजनीति करने के कैम्पेन खासतौर पर उपचुनाव वाले मतदाताओं तक पहुंचाए जा रहे हैं। पूर्व विधायकों को गद्दार बताते हुए आगामी उपचुनाव में बिकाऊ बनाम टिकाऊ की लड़ाई में जनता से टिकाऊ नेता चुनने का अभियान चलाया जा रहा है। जबकि बीजेपी के कैम्पेन में पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह टारगेट में रखे गए हैं।