उपचुनाव: आधा दर्जन कांग्रेस MLA ने विधानसभा में लगाए सवाल

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इंदौर
 उपचुनाव में कांग्रेस कर्ज माफी, बिजली बिल सौ रुपए करने के अपनी सरकार के फैसलों के साथ ही व्यापमं महाघोटाले को भी उपचुनाव में भुनाने की तैयारी में है। इसके चलते ही एक दिन के हुए विधानसभा के सत्र में पार्टी के आधा दर्जन से ज्यादा विधायकों ने व्यापमं महाघोटाले को लेकर सवाल उठाए। हालांकि इनमें से कुछ सवाल कांग्रेस की सरकार के समय हुई जांच से भी जुड़े हुए हैं।

कांग्रेस से रतलाम जिले के आलोट के विधायक मनोज चावला ने सोमवार को एक दिवसीय विधानसभा सत्र में लिखित सवाल के जरिए पूछा था कि व्यापमं घोटाले की अगस्त 2019 में एसटीएफ द्वारा शुरू की गई जांच में निजी कॉलेज की डीमेट परीक्षा, एनआरआई कोटे से भर्ती और पीएमटी से भर्ती में हुए फर्जीवाड़े शामिल हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने यह पूछा कि जांच की स्थिति क्या है।

वहीं धार जिले के सरदारपुर के विधायक प्रताप ग्रेवाल ने लिखित सवाल में पूछा था कि 212 प्रकरणों में सीबीआई जांच के दौरान एसटीएफ ने अन्य लंबित प्रकरणों की जांच किसके आदेश पर रोकी। उन्होंने इस आदेश की प्रति भी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि 4 साल 6 माह जांच रोकना एसटीएफ का अपराधिक कृत्य नहीं है क्या।

इंदौर के देपालपुर के विधायक विशाल पटेल ने लिखित सवाल में पूछा कि व्यापमं ने षडयंत्रपूर्वक अपराधिक घटनाओं की 27 भर्ती परीक्षाओं में जांच क्यों नहीं की, जबकि 12 परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा पाया गया। क्या व्यापमं पीएमटी की तर्ज पर स्वत: संज्ञान लेकर शेष परीक्षाओं की जांच करेगा।  रतलाम के सैलाना से विधायक हर्ष गेहलोत ने लिखित सवाल किया कि एसटीएफ व्यापमं की 197 शिकायतों पर जांच कर रही है, जांच की स्थिति उन्होंने पूछी।