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ईरान के साथ शांति चाहते हैं डॉनल्ड ट्रंप, टल गई तीसरी जंग की आहट!

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वॉशिंगटन

इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के देश के नाम संबोधन पर सबकी निगाहें थीं। माना जा रहा था कि ट्रंप कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं लेकिन अपने इस संबोधन में वह बेहद शांत मुद्रा में दिखाई दिए। ट्रंप ने ईरान के साथ शांति की पेशकश की और कहा कि ईरान के हमले का जवाब देने के लिए दूसरे विकल्प देख रहे हैं व आर्थिक प्रतिबंध लगाकर दंडित करेंगे। इससे माना जा रहा है कि ईरान के शीर्ष कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से दोनों देशों के बीच जारी तनातनी से तीसरे विश्वयुद्ध की सुगबुगाहट ट्रंप के शांति संदेश से फिलहाल टल गई है। इसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
 आप शानदार भविष्य के हकदार- ट्रंप
ईरानी नेताओं और लोगों को सीधा संदेश देते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उन सभी के साथ शांति के लिए तैयार है, जो शांति चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘ईरान के नेताओं और लोगों के लिए, हम चाहते हैं कि आपका शानदार भविष्य हो जिसके आप हकदार हैं।’ बता दें कि अमेरिका के ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी की मौत पर पलटवार करते हुए ईरान ने बुधवार अल सुबह (भारतीय समयानुसार) ईराक के दो बेस पर 22 मिसाइल दागी थीं और 80 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया था।
 
हालांकि अमेरिका ने ईरान के दावे को खारिज करके कहा कि हमले में स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ और किसी भी अमेरिकी की जान नहीं गई। डॉनल्ड ट्रंप ने भी ईरान के हमले पर ट्वीट किया- 'ऑल इज वेल।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के मिलिट्री बेसों पर बेहद कम नुकसान हुआ और हमले में किसी अमेरिकी की जान नहीं गई।

ट्रंप का दावा- पीछे हट रहा है ईरान
ईरान के अमेरिकी सेना बेस पर हमले के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान पीछे हटता हुआ नजर आ रहा है। ट्रंप का यह बयान ईरान के विदेश मंत्री के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा मिसाइल हमलों के आत्मरक्षा के तहत उठाया गया कदम बताया था। ट्रंप ने कहा कि अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के ठीक तरीके से काम करने की वजह से ईरान के मिसाइल अटैक मे एक भी अमेरिकी की जान नहीं गई।
 
मिसाइल हमले से ईरान ने साधा एक साथ दो निशाने
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान में विशेषज्ञों की उस राय से सहमति दिखाई दी जिसमें कहा गया कि ईरान ने जानबूझकर ऐसा लक्ष्य चुना जहां कम नुकसान हो और चेतावनी का संदेश जाए। मिसाइल अटैक के जरिए एक ही समय में दो चालें चली। एक तरफ मिसाइल अटैक से अमेरिका को ज्यादा नुकसान नहीं भी हुआ, साथ ही अपने देश में संदेश देने का काम भी किया। ट्रंप ने कहा कि ईरान नरम होता प्रतीत हो रहा है, जो कि सभी पक्षों के लिए अच्छी बात है। ट्रंप ने यह भी कि वह ईरान को जवाब देने के लिए विकल्पों को देखेंगे और आर्थिक प्रतिबंध लगाकर ईरान को दंडित करेंगे।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा- आत्मरक्षा में किया मिसाइल हमला
इससे पहले इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सफाई देते हुए ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा था कि ईरान ने आत्मरक्षा के लिए मिसाइल दागी हैं। उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा के लिए मिसाइल दागी गईं।' उन्होंने आगे कहा कि वह युद्ध या तनाव को नहीं बढ़ाना चाहते हैं लेकिन किसी तरह के हमले से खुद को बचाना चाहते हैं। हालांकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने इसे अमेरिका के घमंड पर तमाचा बताया।
 

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