इस चुनाव में ‘उम्र घोटला’, बढ़ने के बजाय कम हो गई प्रत्याशियों की उम्र 

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 पटना 
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार उम्र घोटाला हो गया है। जी हां, चौकिए नहीं ये सच है। प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल करने के दौरान अपनी उम्र का जो ब्योरा दिया है उसके अनुसार किसी प्रत्याशी की उम्र पिछले पांच वर्षो में स्थिर रही तो किसी की कम या अधिक हो गई।

भाजपा की कटोरिया सीट से प्रत्याशी निक्की हेम्ब्रम की उम्र 2015 में 42 साल थी, यह 2020 में भी 42 साल ही है। जबकि दिनारा से जदयू के प्रत्याशी मंत्री जयकुमार सिंह की उम्र 2015 की तुलना में 10 वर्ष बढ़ गई। बिहार विधानसभा की वेबसाइट पर उनकी जन्मतिथि 1 मार्च 1963 है। 2015 में उन्होंने अपनी उम्र 46 साल बतायी थी, आज वे 57 साल 7 महीने की जगह इस चुनाव में 56 साल के हो गए हैं। वहीं, राजद के बड़हरा से उम्मीदवार सरोज यादव 2015 में 33 साल के थे, जबकि 2020 में यह घटकर 30 साल हो गयी।   

कुर्था से जदयू प्रत्याशी सत्यदेव सिंह ने 20 जून 1950 को अपना जन्मदिन बताया था। इसके अनुसार वे 70 वर्ष से अधिक के हो गए लेकिन उन्होंने 2015 में उम्र 56 साल बतायी थी। कांग्रेस के कुटुम्बा सीट से प्रत्याशी राजेश कुमार की बिहार विधानसभा की वेबसाइट पर जन्मतिथि 28 जनवरी 1967 है। वे खुद को 58 साल 8 महीने की बजाय 51 साल के बताते हैं। जदयू के सूर्यगढ़ा से प्रत्याशी रामानंद मंडल की उम्र में भी पिछले पांच साल में आठ साल की वृद्धि हो गयी है। 2015 में इन्होंने अपनी उम्र 47 साल बताई थी। जबकि 2020 में नामांकन के साथ शपथ पत्र में लिखा कि 55 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। वहीं, भाजपा के बाढ़ से प्रत्याशी ज्ञानेंद्र कुमार्र ंसह की भी उम्र में भी पिछले पांच साल में दस वर्ष की बढ़ोतरी हो गयी है। 2015 में इन्होंने अपनी उम्र 51 साल बतायी थी जबकि 2020 में 61 साल बतायी है। वहीं, भाजपा के बृजकिशोर्र ंबद चैनपुर से प्रत्याशी है। विधानसभा की वेबसाइट पर उनकी उम्र 1 जनवरी 1966 है, आज उनकी उम्र 54 साल 9 महीने की होनी चाहिए थी। लेकिन 2015 में उन्होंने खुद को 56 साल और इस बार 61 साल का बताया है।