अफगानिस्तान की जेल पर ISIS के हमले में 29 की मौत, कई कैदी फरार, तीन हमलवार ढेर

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 काबुल  
पूर्वी नांगरहार प्रांत की एक जेल पर रविवार (2 अगस्त) को शुरू हुआ आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का हमला सोमवार (3 अगस्त) को भी जारी रहा और अब तक इस हमले में 29 लोग मारे जा चुके हैं। जेल में इस आतंकवादी समूह के सैकड़ों सदस्य भी बंदी हैं। एक स्थानीय अधिकारी ने यह जानकारी दी। हमला रविवार शाम शुरू हुआ था और इसमें अब तक 50 लोग घायल हो चुके हैं।

नांगरहार प्रांत के गर्वनर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोग्यानी ने बताया कि तीन हमलावर मारे गए हैं। सोमवार को भी यह संघर्ष जारी है तथा जेल परिसर में रुक-रुक के गोलीबारी हो रही है। खोग्यानी ने बताया कि मृतकों में जेल के कुछ कैदियों के अलावा आम नागरिक, जेल के गार्ड और अफगान सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
 
नांगरहार की राजधानी जलालाबाद में एक कारागार के प्रवेश द्वार पर आत्मघाती कार बम विस्फोट के साथ यह हमला शुरू हुआ था। इसके बाद कई हमलावरों ने अफगान के सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की। हमलावरों की संख्या कितनी है, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह से संबद्ध एक संगठन ने ली है जिसे खुरासान प्रांत में आईएस के नाम से जाना जाता है। इस आतंकवादी संगठन का मुख्यालय नांगरहार प्रांत में है। एक प्रांतीय अधिकारी ने बताया कि हमले के चलते कई कैदी जेल से भाग गए।

जेल पर हमले का कोई कारण अभी साफ नहीं है। वैसे जेल में 1,500 कैदी हैं जिनमें से बड़ी संख्या में आईएस से जुड़े हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यहां पर कोई विशिष्ट कैदी तो बंद नहीं है जिसे छुड़ाने के लिए यह हमला किया गया हो। अफगान खुफिया एजेंसी ने एक दिन पहले ही बताया था कि अफगान विशेष बलों ने जलालाबाद के निकट आईएस के एक शीर्ष आतंकी कमांडर को मार गिराया है।
 
तालिबान के राजनीतिक प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने 'एपी' को बताया कि जलालाबाद जेल हमले में उनका समूह शामिल नहीं है। अमेरिका ने तालिबान के साथ फरवरी में शांति समझौता किया था। उन्होंने कहा, "हमारा संघर्ष विराम चल रहा है और देश में कहीं भी इस तरह के हमले में हम शामिल नहीं हैं।" तालिबान ने ईद के मद्देनजर शुक्रवार (31 जुलाई) से तीन दिन के संघर्ष विराम का ऐलान किया था।