कब बनेगा राजडोह नदी का पुल, नाव से कर रहे सफर

0
69

एक बार बह चुका है चार करोड़ का पुल

दूसरी बार कछुए की चाल से बन रहा है पुल

बरसात मे ग्रामीणो होते है परेशान

abdul rahman
सारनी। तवा नदी पर पूल बनाने का काम धीमी गति से चल रहा है। दूसरा साल लग जाने के बाद भी पुल नही बन पाया है। पुल नही बनने की वजह से लोनिया पंचायत के आधा दर्जन से अधिक गांव वाले लोगो को नाव से आना जाना पड़ता है। बरसात के दिनो मे बाढ़ आने पर ग्रामीणो को भुखा प्यासा रहना पड़ता है। इन ग्रामीणो की सुध लेने वाला भी कोई नही रहता है। बताया जाता है कि प्रभारी मंत्री सरताज सिह ने राजडोह नदी पर 10 करोड़ की लागत से बनने वाले पूल का भुमिपूजन किया था। दूसरा साल लग जाने के बाद भी पुल नही बन सका है। है। बताया जाता है कि राजडोह नदी पर रायपुर की सुंदारानी कंपनी ने चार करोड़ मे पुल बनाया था। जो एक साल मे बह गया। पुल बह जाने के मामले मे कोई कार्रवाही नही हुई है। इस बार पुल की कीमत 10 करोड़ हो गई है।

इसके बाद भी पुल बनाने का काम धीमी गति से चल रहा है। पुल नही बनने से लोनिया पंचायत के ग्रामीणो को रोजाना नाव से आना जाना पड़ रहा है। बताया जाता है कि पुल निर्माण कार्य का ठेका रीवा की एक कंपनी को दिया है। पुल के भुमिपूजन के अवसर पर ग्रामीणो को ठेकेदार ने मिठाई तक नही दी थी। ग्रामीणो की जगह मिठाई को नेताओ एवं जिले के अधिकारी ने अपर रेस्ट हाउस मे चट कर गए। ग्रामीणो को मिठाई नही मिलने का मामला कई दिनो तक चर्चा का विषय रहा है। बहरहाल पुल का निर्माण नही होने से ग्रामीणो को नाव से ही सफर करना पड़ेगा।