किसानों के हित के लिए हम किसी भी सीमा तक जाने के लिए तैयार हैं: मुख्यमंत्री

0
101
We are ready to go to any extent for the benefit of the farmers: Chief Minister

किसानों के हित में तीव्र गति से काम करेंगे तभी हम प्रधानमंत्री जी के सपनों का भारत बना सकेंगे: चौहान

चित्रकूट में किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक का समापन

rajesh dwivedi

चित्रकूट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश की सरकार गांव गरीब किसान की सरकार है और किसानों के हित के लिए हम किसी भी सीमा तक जाने के लिए तैयार हैं। हमने यह सिर्फ कहके नहीं बल्कि करके दिखाया है। पिछले 12- 13 वर्षों में हमने सिंचाई की छमता को 7.30 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 4000000 हेक्टेयर के ऊपर पहुंचा दिया है और हम संकल्प लेते हैं कि 5 साल में यह छमता 60 लाख हेक्टेयर कर देंगे। किसानों के हित में तीव्र गति से काम करेंगे तभी प्रधानमंत्री जी के सपनों का नया भारत बना सकेंगे।

We are ready to go to any extent for the benefit of the farmers: Chief Ministerआज चित्रकूट में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के समापन सत्र को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश पहला राज्य है जहां किसानों की आय को दुगना करने का रोडमैप तैयार हो चुका है। आने वाले दिनों में हर ब्लॉक में रोड मैप पर कार्यशाला कराई जाएगी। पूरे 1 महीने तक यह कार्यक्रम चलेगा उन्होंने किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि वह भी इन कार्यशाला में भाग लें और अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी कराएं। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की चर्चा करते हैं उन्हें दरअसल यह पता नहीं है कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है जहां स्वामीनाथन की रिपोर्ट से कहीं अधिक हमने किसानों के लिए किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने एक तुलनात्मक रिपोर्ट दिखाते हुए कहा कि हमारा कार्यकर्ता अपना सीना चैड़ा करके किसानों के बीच जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग हम से सवाल पूछते हैं उन्हें हम मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं। स्वामीनाथन आयोग 4 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज देने की बात करता है लेकिन मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसने कांग्रेस के जमाने के 18 प्रतिशत ब्याज को धीरे-धीरे कम किया और आश्चर्यजनक बात यह है कि अब तो मूलधन पर भी 10 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। स्वामीनाथन आयोग यानी कोई भी आयोग इस प्रकार की कल्पना भी नहीं कर सकता स्वामीनाथन आयोग ने सिंचाई क्षमता की जो बात की है उससे कई गुना अधिक सिंचाई क्षमताओं का विस्तार हम कर चुके हैं। अन्य भी जो विषय हैं उन पर भी मध्यप्रदेश में बहुत आगे बढ़ कर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि हमें किसानों के बीच जाकर इस बात की चर्चा करना चाहिए कि अब मॉडल खेती को अपनाने का जमाना आ गया है केवल परंपराएं खेती करने से परंपरागत खेती करने से अब काम चलने वाला नहीं है हमें संकल्प लेना होगा कि खेती से हमें आजीविका चलाना है इसलिए खेती से जुड़े हुए काम धंधों की ओर भी ध्यान देना होगा आज जमाना यह है कि हमारे पुराने जो अनुभव है और नई जो तकनीकी है उन दोनों का मेल मिलाप करके खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का जो संकल्प लिया है मध्यप्रदेश में सबसे आगे रहकर काम करेगा ऐसा हम विश्वास दिला सकते हैं मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार किसानों के हित में सदेव तत्पर रहने वाली सरकार है। प्याज की बंपर पैदावार हुई और हालात असामान्य हुए तो सरकार ने तमाम आर्थिक कष्ट सहकर भी किसानों की प्याज खरीदी इतना ही नहीं हमने एक हजार करोड़ रुपए की पूंजी से मूल्य स्थिरीकरण कोष बना दिया है। मूंग उड़द और तुवर को भी खरीदने का फैसला किया है मुख्यमंत्री ने कहा अविवादित बंटवारे और नामांतरण के मामले 3 महीने के भीतर निपटाने के लिए कहा गया है और मैंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि इसमें इस प्रकार के मामलों की यदि कोई शिकायत मिली तो शिकायत जानकारी देने वाले को एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। किसान बाजारों की स्थापना की जा रही है अब आने वाले दिनों में किसान अपने उत्पादन को सीधे भेज सकेगा बीच में कोई भांजी मारने वाला नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य से कम पर उत्पाद यदि बिकेगा तो गेहूं के साधन भी हम खरीदेंगे उन्होंने भवन तर योजना की चर्चा करते हुए कहा कि किसान मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसान को भाव अंतर योजना के बारे में समझाएं। उन्होंने कहा कि किसान के लिए हम कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं और रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अब हमें कम लागत और ज्यादा उत्पादन की खेती की ओर आगे बढ़ना होगा। इस बारे में जनता के बीच जाकर व्यापक प्रचार चर्चा करनी है। उन्होंने कहा जनता को सरकार की उपलब्धियां और योजनाओं का बेहतर से बेहतर प्रचार करें, जिससे अधिक से अधिक लाभ किसान को मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता के लिए गौरव की बात है कि कांग्रेस के पक्ष में कहने के लिए किसी के पास कुछ नहीं है, क्योंकि कांग्रेस बता नहीं सकती कि पिछले 50-60 वर्षों में उसने किसान के लिए क्या किया।

किसान मोर्चा को आज विचार करने की आवश्यकता है कि सरकार की किसान हितेषी योजनाएं समाज हितेषी योजनाओं को पूरी ताकत से समाज के बीच ले जाया जाए और उनको कैसे ले जाया जाए इस पर भी विचार करने की आवश्यकता है। मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ कह सकता हूं कि पिछले वर्षों में मध्य प्रदेश के किसानों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में पनप रहे सूखे के हालातों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुझे दिखाई दे रहा है मध्यप्रदेश में सूखा दस्तक दे चुका है, लेकिन हमारी सरकार है तो किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है जो होगा देखा जाएगा। किसान के हित में किसी भी ऊपरी सीमा तक जाकर फैसले लिए जाएंगे। हम एक और किसान की सहायता करेंगे, वहीं दूसरी ओर उसका तकनीकी मार्गदर्शन भी किया जाएगा कि ऐसे हालातों में वह कौन सी फसल बोए और कौन सी नहीं। किसी भी किसान को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा नुकसान के आकलन के अधिकारियों को प्रारंभिक निर्देश दे दिए गए हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह सरकार सब की सरकार है इसलिए सबको मिलकर काम करना है और यह समझना पड़ेगा कि किसान और सरकार एक ही हैं हम एक परिवार हैं। हमें अपने अहंकार के लिए नहीं लोगों की बेहतरी के लिए काम करना है। उन्होंने किसान परिवार के युवाओं से फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का आव्हान भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए 2 लाख से तो करोड़ों रू. तक का ऋण उपलब्ध करा रही है।

मध्य प्रदेश में 65 प्रतिशत लोग खेती पर आश्रित हैं। मेरे दिमाग में सदैव से खेती को फायदे का धंधा बनाने की बात रही है मैं आज दावे के साथ कह सकता हूं कि हम कभी बिमारू राज्य हुआ करते थे आज उस हालत से निकलकर एक विकसित राज्य की श्रेणी में जा रहे हैं। मध्य प्रदेश की कांग्रेस ने जो दुर्गति कर रखी थी उसका मूल कारण था कि खेती की ओर कांग्रेस का ध्यान ही नहीं था। कई सिंचाई योजनाओं के पत्थर लगा कर कांग्रेसी 5 साल के लिए भूल जाते थे लेकिन हमने अपने शासनकाल में सिंचाई का रकवा जो अंग्रेज कांग्रेस राजा और नवाबों ने कुल मिलाकर 7.30 लाख हेक्टेयर तक बना कर रखा था उसे 4000000 हेक्टेयर के ऊपर तक पहुंचा दिया है। लेकिन अभी हम शांत नहीं है इस लकवे को दिन दूनी रात चैगुनी गति से आगे बढ़ाना है।

उन्होंने बिंद क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि बाणसागर परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सरकार के दौरान हुआ था लेकिन 1989 से इस परियोजना पर जनता पार्टी की सरकार जाने के बाद काम ही नहीं हो रहा था। लेकिन हमने तिथि तय करके बाणसागर परियोजना का लोकार्पण कर दिया इसी प्रकार से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कहते थे कि नर्मदा का जल क्षिप्रा आदि नदियों में प्रवाहित नहीं किया जा सकता यह कार्य असंभव है लेकिन हमने उस असंभव कार्य को संभव कर के नर्मदा का पानी क्षिप्रा सहित अन्य नदियों में प्रवाहित करने की योजना बनाई यह सपना साकार हुआ है लाखों हेक्टेयर भूमि पर हरियाली दिखाई देने लगी है।