धर्म की नगरी में जीव हत्या जैसा पाप क्यों?

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मिशन पवित्र उज्जैन के लिए गायत्री परिवार ने लिया संकल्प

आज स्वर्णिम भारत मंच नगर निगम के अधिकारियों को खून दान करेगा

brijesh parmar

उज्जैन। स्वर्णिम भारत मंच द्वारा मिशन पवित्र उज्जैन के लिए नगरवासियों से संकल्प पत्र भरवा रहा है, जिसमें बड़े उत्साह के साथ लोग संकल्प पत्र भरकर अपना समर्थन दे रहे हैं। रविवार को अंकपात मार्ग स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी संख्या में संकल्प पत्र भरे गए। चंद्रशेखर वशिष्ठ, देवेन्द्र श्रीवास्तव की अगुवाई की लगभग ५०० से अधिक सदस्यों ने संकल्प पत्र भरकर मिशन पवित्र उज्जैन के लिए अपना समर्थन किया है।



Vivisection religion in the city of sin, why?
20 फरवरी को स्वर्णिम भारत मंच नगर निगम के अधिकारियों को रक्त भेंट कर पवित्र नगरी में से मांस, मदिरा की दुकान हटाने की माँग करेगा, क्योंकि नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह ने तीन दिन का आश्वासन दिया था, परन्तु आज तक अधिकारियों द्वारा महाकाल मंदिर एवं शिप्रा के आसपास से मांस, मदिरा की दुकानें नहीं हटाई गई।
स्वर्णिम भारत मंच के आह्वान का समर्थन करते हुए कृषि उपज मंडी के संभागीय डायरेक्टर एवं गायत्री परिवार के संस्थापक सदस्य चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि बाबा महाकाल की इस धर्म नगरी में जीव हत्या पाप है। इस प्रकार की अभक्ष सामग्रियों की जितनी दुकानें हैं, उन्हें महाकाल परिक्षेत्र से बाहर करना चाहिए। यही बात डॉ. शशिकांत शास्त्री, नीति टंडन, कृष्णा कपूर, जगदीश श्रीवास, प्रहलादसिंह बोराना आदि ने भी कही है।



खून देकर अधिकारियों को चेताएंगे
स्वर्णिम भारत मंच के दिनेश श्रीवास्तव ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों ने बार-बार पवित्र नगरी को अपवित्र करने का दुस्साहस जैसा कृत्य किया है। लगातार उज्जैन के वासी महाकाल मंदिर के आसपास के कत्लखाने, मांस मदिरा की दुकानें हटाने की आवाज उठाते आए हैं, फिर भी इन अधिकारियों के खून में जोश नहीं है। इसलिए स्वर्णिम भारत मंच के कार्यकर्ता 20 फरवरी को दोपहर 12 बजे नगर निगम के गेट पर अपना खून निकालकर अधिकारियों को भेंट करेंगे। कार्यकर्ताओं का मानना है कि अधिकारियों का खून पानी हो गया है, इसलिए हम उन्हें अपना खून देकर उज्जैन को पवित्र रखने की मांग कर रहे हैं। उक्त जानकारी अरुण भोपाळे ने दी।