दो शख्स जो खोल रहे हैं वायरल वीडियो और तस्वीरों की पोल

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बेंगलुरु: 2000 रुपये के नए नोटों में माइक्रो चिप लगा है, बुरहानपुर में एक स्कूल के वार्डन मासूम बच्चों की पिटाई करते हुए,एक बच्ची को लेकर उड़ता चील और एक भारतीय महिला अपने मासूम बच्चे को पैरों से मारती हुई, ऐसे न जाने कितने वीडियो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए और फिर पालक झपकते ही वायरल हो गए. किसी ने सच्चाई जानने की कोशिश नही की. लेकिन बेंगलुरु के दो सॉफ्टवेयर प्रोफेशन इनमें से ज्यादातर वीडियो की सच्चाई सामने ले आए हैं.

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चेक4स्पाम डॉट कॉम के संस्थापकों में से एक शममास ओलियास ने बताया कि इसी तरह नोटबंदी के बाद जब 2000 रुपये के नए करेंसी नोट जारी किए गए तो उसमें माइक्रो चिप लगा होने की ऑफवाह फैली. बताया गया कि इस चिप की वजह से सरकार को यह पता चल जाता है कि कहां कितना रुपया रखा है और इसी बुनियाद पर एजेंसियां छापे मार रही हैं.

उन्होंने बताया कि जिस वीडियो को हाल में बुरहानपुर के एक स्कूल का माना जा रहा था वह दरअसल इजिप्ट यानी मिस्र देश का था और वह  भी दो साल पुराना. जो शख्स बच्चों के साथ मारपीट करता दिख रहा है वह सलाखों के पीछे है. दिल दहला देने वाला यह वीडियो आरोपी वार्डन की पत्नी ने खुद ही बनाया था. वही इसे दुनिया के सामने लाई ताकि वार्डन के खिलाफ कर्रवाई हो सके.

शममास ओलियास का कहना है कि चिप से सैटेलाइट संपर्क कर सकता है लेकिन चिप से रिवर्स सिग्नल भेजने के लिए मोबाइल फोन जैसा तामझाम चाहिए जो नोटों में मौजूद नहीं है. ऐसे में यह एक फर्ज़ी वीडियो के अलावा और कुछ भी नहीं है.

चेक4स्पाम डॉट कॉम की शुरुआत तकरीबन डेढ़ साल पहले इन दोनों ने की थी जिसका मकसद वायरल वीडियो तस्वीर और मेसेज की सच्चाई पता कर लोगों तक पहुंचाना है. अब हर महीने लाखों की संख्या में इस वेबसाइट को हिट्स मिल रहे हैं. बालकृष्ण बिरला का कहना है कि उनका मकसद एक ऐसा सर्च इंजन बनाने का है जो वायरल वीडियो मेसेज और तस्वीरों की सच्चाई सर्च बार में डालते ही लोगों को बता दे. इसीलिए वे लगातार डेटा बैंक तैयार करने में लगे हैं.

चेक4स्पाम डॉट कॉम के एक दूसरे संस्थापक बाल कृष्ण बिरला ने बताया कि कुछ सालों से 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे का विरोध यह कहकर किया जा रहा था कि इसी दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव फांसी देकर शहीद  किए गए थे. हालांकि सच यह है कि इन्हें 24 मार्च को फांसी दी गई थी. बालकृष्ण बिरला को इस बात का सुकून है कि उनकी वेबसाइट के जरिए दी गई जानकारी की वजह से इस बार ऐसे वीडियो शेयर कम किए गए.

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