कर्ज से परेशान दो और किसानों ने आत्महत्या की

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Two farmers and farmers commit suicide

भोपाल। प्रदेश में दो और किसानों ने आत्महत्या कर ली। होशंगाबाद और सीहोर जिले में दो किसानों ने मौत को गले लगा लिया।राज्य में आठ जून से अब तक 9 किसान अपनी जान दे चुके हैं। किसानों की आत्‍महत्‍या की वजह कर्ज से परेशान होना बताया गया है।
6 जून को मंदसौर जिले में पुलिस गोलीबारी में 5 आंदोलनकारी किसानों की मौत के बाद किसान आंदोलन पर मरहम लगाने के प्रयास जारी हैं । वहीं दूसरी ओर परेशान किसान लगातार आत्‍महत्‍या कर रहे हैं।

Two farmers and farmers commit suicideहोशंगाबाद में किसान ने सूदखोर से परेशान होेकर जहर पी लिया तो वहीं सीहोर में किसान खाद-बीज की व्यवस्था न होने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।।

सूदखोर से तंग आकर किसान ने जहर पीकर आत्महत्या की
होशंगाबाद। सूदखोर से तंग आकर बाबई के चपलासर गांव के किसान नर्मदाप्रसाद ने बुधवार की शाम जहर पी लिया था। किसान ने गुरुवार तड़के दम तोड़ दिया। किसान के परिजन का आरोप है कि सूदखोर प्रभाकर राव पैसे मांगने बुधवार को किसान के घर आ गया था।

किसान ने सूदखोर से पचास हजार रुपए उधार लिए थे। इसमें से करीब बीस हजार रुपए वापस भी कर दिए थे। मृतक के भाई अशोक का आरोप है कि सूदखोर को बड़े भाई ने जल्द पैसे चुकाने का भरोसा दिया था, लेकिन वह नहीं माना। उसने कहा कि अभी मूंग लेकर मंडी चलकर बेचो और पैसे दो। मजबूर होकर भाई नर्मदा मूंग लेकर मंडी गए। लेकिन फसल बिक पाती इससे पहले ही उन्होंने जहर पी लिया। परिजन के बयानों के आधार पर सूदखोर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

खाद-बीज की व्यवस्था न होने पर किसान फांसी पर झूला
खाचरोद/ आष्टा। सीहोर जिले के सिद्दीकगंज थाने के तहत आने वाले ग्राम बापचा बरामद मैं 70 साल के बुजुर्ग खाजु खां पिता लाल खां ने अपने खेत पर पलास के पेड़ पर फंदा डालकर झूल गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

मृतक के बेटे ने बताया कि हम सब सुबह घर में खाद बीज की चर्चा कर रहे थे, उसी बीच मेरे पिताजी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। खाद-बीज की व्यवस्था नहीं होने की बात चल रही थी, तभी वह खेत पर जाने की बात करके चले गए, जहां उन्होंने फांसी लगा ली। हालांकि किसान पर किसी प्रकार का कोई कर्ज न होना बताया जा रहा है।