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मंगल आखिर किसके : शह-मात की सियासत शुरु!

भाजपा बनाम कांग्रेस: तो क्या सचमुच सिर्फ ४ घंटे में पलट गई बाजी

सतना। चित्रकूट विधानसभा उप चुनाव के सियासी समर में सत्तारुढ़ भाजपा हो या फिर प्रमुख प्रतिपक्ष कांग्रेस…अंतत: दोनों के केंद्र में पूर्व विधायक स्व.प्रेमसिंह ही हैं। इस सीट से ३ मर्तबा कांग्रेस के विधायक रह चुके प्रेम सिंह के नहींं रहने के बाद उप चुनाव में भाजपा जहां कांग्रेस का परंपरागत गढ़ तोडऩे की कोशिश में है,वहीं कांग्रेस ऐसी हर कोशिश को नाकाम करने की रणनीति पर काम कर रही है।

Till the end of Mars: the politics of mutation started!अभी भाजपा के साथ
मंगलवार की दोपहर तकरीबन ३ बजे स्व.प्रेमसिंह के भतीजे मंगल सिंह अचानक उस वक्त सोशल मीडिया की सुर्खियों में छा गए जब बरौंधा में उनके घर पहुंचे भाजपा के प्रदेश प्रमुख नंद कुमार सिंह चौहान ने माल्यार्पण कर उन्हें गले लगा लिया। सांसद गणेश सिंह,चित्रकूट के पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार और पार्टी प्रत्याशी शंकर दयाल त्रिपाठी भी उनके साथ थे। इसी बीच एसएमएस के जरिए भाजपा के प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा ने भी इस तथ्य की पुष्टि की कि पूर्व विधायक स्व.सिंह के भतीजे मंगल सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

Till the end of Mars: the politics of mutation started!और, अब कांग्रेस के पहलू में
विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर अभी भाजपा मंगल को साधने की खुशी का ठीक से जश्न भी न मना पाई थी कि शाम ७ बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुए मंगल सिंह के एक वीडियो ने पार्टी के चुनावी रणनीतिकारों के होश हवा कर दिए। बरौंधा में ही अपने घर पर राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल की मौजूदगी में मंगल सिंह ने ये कह कर पलटी मार दी कि उनके चाहे प्राण की क्यों न चले जाएं,वो कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे।

आरोप-प्रत्यारोप : अपने-अपने दावे
फिलहाल सियासी सुर्खियों में छाए मंगल सिंह आखिर किसके साथ हैं? क्या सचमुच बाजी पलट गई है? इन सवालों के जवाब में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरु हो गया है। भाजपा और कांग्र्रेस के अपने -अपने दावे हैं।

इनका कहना है :-
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अजय ङ्क्षसह राहुल ने चित्रकूट के पूर्व विधायक स्व.प्रेम सिंह के भतीजे के घर जाकर दबाव बनाने की कोशिश की है। लोकतंत्र में दबाव की ये राजनीति अच्छी नहीं है। असल में चित्रकूट में कांग्रेस अभी से शिकस्त मान चुकी है। मंगल सिंह को लेकर दावा कुछ भी हो। सच तो ये है कि कांग्रेस से अपमानित मंगल और सपरिवार मानसिक तौर पर स्वयं को कांग्रेस से मुक्त कर चुके हैं। वीडी शर्मा, प्रदेश महामंत्री भाजपा

ये भाजपा का शिगूफा है। सिर्फ रियूमर फैलाने की सस्ती सियासत है। मंगल सिंह के घर भाजपा के लोग गए थे। इन लोगों ने माला पहनाई तो उन्होंने भी अतिथि सत्कार के भाव से माला पहना दी। भाजपाइयों ने फोटो खिंचवा कर उनके भाजपा में आने का ऐलान कर दिया। जबकि मंगल का स्पष्ट दावा है कि उनके पुरखे भी कांग्रेस में थे और वो भी कांग्रेस में ही हैं। महेन्द्र सिंह चौहान : प्रदेश कांग्रेस के महासचिव

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi