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…अधर में लटक जाएंगे उप्र बोर्ड के तीन हजार परीक्षार्थी

स्कूलों का फर्जीबाडा रोकने की कवायद

Three thousand examinees will be hanged in the balance

लखनऊ, यूपी बोर्ड परीक्षाओं में बगैर मान्यता प्राप्त कॉलेज के करीब तीन हजार छात्रों का परीक्षा परिणाम रोका जा सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने ऐसे छात्रों की सूची बनाकर बोर्ड को भेज दी है। जिसमें इन दाखिलों को फर्जी बताया गया है। ऐसे में इन छात्रों का परीक्षा परिणाम बोर्ड के निर्णय पर निर्भर हो गया है।

Three thousand examinees will be hanged in the balanceपरीक्षाओं के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के वक्त डीआईओएस ने कई परीक्षार्थियों को चिन्हित किया था। इन परीक्षार्थियों के दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग मिली थी। वहीं स्पष्ट था कि अधिक उम्र के लोग कम उम्र दर्ज करवाने के लिए परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।

इसके बाद डीआईओएस ने सभी परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को इस तरह के फर्जीवाड़ा करने वाले परीक्षार्थियों को चिन्हित कर सूची तैयार करने को कहा था। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे करीब तीन हजार परीक्षार्थी चिन्हित हुए हैं, जिनकी जन्मतिथियों में अंतर है। इसलिए इसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट बोर्ड को भेजी गई है।

राजधानी में संचालित हो रहे दो हजार से अधिक फर्जी स्कूल 

राजधानी में दो हजार से अधिक फर्जी स्कूल संचालित हो रहे हैं। ये सभी अपने यहां छात्रों के दाखिले करते हैं, चूंकि स्कूल की मान्यता नहीं होती है, ऐसे में वह छात्रों का पंजीकरण किसी दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूल से करवाते हैं। दोनों स्कूलों के सांठगांठ से यह पूरा खेल होता है। वहीं कुछ ऐसे भी परीक्षार्थी होते हैं जो खेल करने वाले मान्यता प्राप्त स्कूलों से संपर्क कर सीधे अपना पंजीकरण करवाते हैं।

सूची तैयार, स्कूलों पर भी कसेगा शिकंजा
डीआईओएस ने बताया कि परीक्षार्थियों के साथ उन स्कूलों की भी सूची बनाई गई है जहां ये परीक्षार्थी पढ़ते थे और जहां पर इनका पंजीकरण किया गया। इसमें अभी तक करीब सौ स्कूलों के नाम सामने आए हैं। इन सभी को नोटिस भेजा जाएगा। उसके बाद इन सभी के खिलाफ विभागीय के अलावा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi