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जिसकी जितनी संख्या, उसे उतना आरक्षण

राष्ट्रीय अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सुझाया फार्मूला

rajesh dwivedi
सतना। आखिर जनमानस के बीच आरक्षण की आग कब तक धधकती रहेगी? आखिर कब तक समाज आरक्षण के नाम पर राजनैतिक रोटी सेंकने वाले राजनैतिक दलों की कठपुतली बना रहेगा? आरक्षण को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विवादों को लेकर राष्ट्रीय अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परशुराम निषाद ने सवाल उठाया है।

अपने अल्प प्रवास के दौरान मारूति एक्सप्रेस से एक बातचीत में राजनैतिक हलकों में चाचा चौधरी के नाम से पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष परशुराम निषाद ने कहा कि आरक्षण को समय-समय पर कांग्रेस और भाजपा अपना राजनैतिक हथियार बनाकर जनमानस को बरगलाती रही हैं। आरक्षण को राजनैतिक हथियार बनाने का ही परिणाम है कि आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी आरक्षण का वह लाभ उन्हें नहीं मिल सका जिनके लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था बनाई गई थी। परशुराम निषाद ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति को दरकिनार करते हुए सरकार ऐसा फार्मूला क्यों तैयार नहीं करती जिससे आरक्षण का लाभ सभी वर्ग को मिल सके। ऐसे में सं याबल के आधार पर आरक्षण देना एक कारगर कदम हो सकता है। राष्ट्रीय अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परशुराम निषाद ने मांग की है कि आरक्षण व्यवस्था को इस तहह लागू किया जाय जिससे कि सं याबल के अनुपात से सभी को आरक्षण दिया जाय। यदि ऐसा किया जाता है तो दशकों से धधक रही आरक्षण की ज्वाला ठंडी पड़ सकती है और देश का युवा आरक्षण विरोध की राजनीति के कुचक्र से निकलकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान दे सकता है।

ajay dwivedi
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