तालाबों का सीमांकन करके सख्ती से अतिक्रमण हटायेंगे: शिवराज

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Sukha mitayenge cm shivraj singh chouhan

सूखे से बचाने के लिए किसानों दूंगा ऑन लाइन सलाह-अन्ना हजारे

lokesh chourasia
छतरपुर | प्रसिद्ध समाज सेवी एवं लोकपाल आंदोलन के सूत्रधार *अन्ना हजारे*तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री *शिवराज सिंह चौहान*आज विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में पुरुषार्थ सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सूखा मुक्त जल सम्मेलन में शामिल हुए खजुराहो के मेला ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम के शुभारंभ में आयोजक जलपुरुष डॉ.राजेन्द्र सिंह के साथ शामिल होंगे,उक्त कार्यक्रम नगर परिषद खजुराहो के मेला ग्राउंड पर आयोजित उक्त सम्मेलन में बुंदेलखंड में सूखे जैसे हालात से निपटने वह बुंदेलखंड में पानी की खोज और पानी को लाने को लेकर कई विषयों पर विस्तृत चर्चा और मंथन होना है,
Sukha mitayenge cm shivraj singh chouhanकार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ जलपुरुष डॉ.राजेन्द्र सिंह सहित अतिथियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण तथा द्वीप प्रज्जवलन के साथ की,इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब वह मुख्यमंत्री बने थे तब केवल 7.50 लाख हेक्टेयर में ही सिंचाई होती थी लेकिन अब हम 40 लाख हेक्टेयर में सिंचाई कर रहे हैं बुंदेलखंड की धरती की तस्वीर और किसानों की तकदीर बदलेंगे पहले बारिस पर्याप्त होती थी परन्तु अब मात्र एक माह ही बारिस होती है इसलिए लगातार सूखे की चपेट में आ रहे हैं इसके लिए हमें गांव गांव में छोटे और बड़े तालाब बनाने पड़ेंगे साथ ही चेक डेम स्टॉप डेम और बोरी बंधान से बरसात का पानी रोककर धरती में डालना पड़ेगा जब धरती में पानी रहेगा तभी जीवन बचेगा हम पुराने तालाबों का संरक्षण करेंगे और ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करेंगे श्री सिंह ने कार्यक्रम के आयोजक जलपुरुष डॉ.राजेन्द्र सिंह की मांग पर छतरपुर कलेक्टर रमेश भंडारी को पास बुलाकर जिले भर के सभी तालाबों का सीमांकन करके अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए और कहा कि मध्य प्रदेश में अभियान चलाकर सभी तालाबों को सख्ती से अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा,
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अन्ना के हजारे ने कहा कि सूखा मुक्त भारत निर्माण करना है तो पहले हमें सूखमुक्त गांव का निर्माण करना पड़ेगा क्योंकि भारत गांव में बसता है हमारे गांव में 35 साल पहले ऐंसे ही सूखा राहत था लोग अपना पेट पालने के लिए शराब की भट्टिनयाँ लगाते थे परन्तु अब वहां हमने काम किया अब पर्याप्त पानी है और लोग खुशहाल हैं अगर धरती में पानी नहीं रहेगा तो कुछ भी नहीं रहेगा लोग सोना चांदी को अपना धन मानते हैं लेकिन असली धन तो पानी और उपजाऊ मिट्टी है जिसे बचाने के लिए हमें घास को बढ़ाना चाहिए पेड़ लगाने चाहिए खेत का पानी खेत की धरती में ही डालना पड़ेगा श्री अन्ना ने कहा कि वह किसानों की भलाई के लिए कई योजनाओं के वीडियो के साथ यूटयूब,फेशबुक के साथ ऑन लाइन रहूंगा और समस्याओं पर सीधे बात करूंगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और अन्ना हजारे को एकसाथ मंच सांझा करना था लेकिन मुख्यमंत्री पहले आये और अन्ना हजारे से खजुराहो हवाईअडडे पर ही लौटते समय मिले और औपचारिक चर्चा की।
अन्ना के कार्यक्रम में चढ़ा राजनैतिक रंग कार्यक्रम स्थल पर नरेंद्र मोदी तथा शिवराज सिंह के बैनर और पोस्टर लगे तथा कार्यक्रम से संबोधित नगर में भाजपाइयों के पोस्टर लगे जिससे नाराज होकर स्थानीय कांग्रेश विधायक कुं.विक्रम सिंह की पत्नी तथा नगर परिषद खजुराहो की कांग्रेश से चुनी अध्यक्ष श्रीमती कविता सिंह नाराज हो गईं और मुख्यमंत्री के साथ मंच सांझा नहीं किया श्रीमती सिंह मुख्यमंत्री के चले जाने के बाद जब अन्ना हजारे मंच पर आए तभी मंच पर आईं और मीडिया से नाराजगी भी व्यक्त करी।