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समलैंगिक पार्टनर नहीं मिलने से दुखी होकर की आत्महत्या

आरआरएल के लापता रिसर्च स्कॉलर की लाश मिली

दीवार पर चिपका मिला 20 पन्ने का सुसाइड नोट

सुसाइड नोट में लिखा मुझे समलैंगिक होने पर है गर्व

भोपाल। बागसेवनिया स्थित रीजनल रिसर्च लेबोरेट्री (आरआरएल) बाग सेवनियां में ट्रेनिंग ले रहे युवा रिसर्च स्कॉलर का तीन दिन पुरानी लाश मिलने से सनसनी फैल गई। स्कॉलर विगत सात जनवरी की शाम से साकेत नगर से लापता था। सोमवार को उत्तराखंड से परिजनों के आने के बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। तालाब में कूदने से पहले युवा वैज्ञानिक ने पहचान के लिए हाथ पर मोबाइल नंबर लिख दिया था। इसके अलावा पुलिस को उसके कमरे से 20 पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने खुद को समलैंगिक बताते हुए खुद पर गर्व किया है।

पुलिस के अनुसार मूलरूप से रानीपुर रेंज बीएचईएल हरिद्वार उत्तराखंड में रहने वाला नीलोत्पल सरकार पिता निर्मलेंदु सरकार (27) एमटेक की पढ़ाई के बाद भोपाल के एम्प्री संस्थान से नैनो टेक्नॉलाजी में रिसर्च कोर्स कर रहा था। नोलोत्पल सरकार यहां 179, 9बी साकेत नगर में परसराम साहू के मकान में किराए से रह रहा था। परसराम घर पर ही किराना दुकान का संचालन करते हैं। विगत 7 फरवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे नीलोत्पल मकान मालिक की बहू ओम साहू से यह कहकर गया था कि कि आज देर से घर लौटूंगा। मेरे लिए खाना नहीं बनाना, वह नहीं लौटा।

परसराम साहू ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया था, लेकिन मोबाइल बंद था। इस बात की जानकारी उन्होंने नीलोत्पल के परिजनों को दी थी। परिजनों के कहने पर परसराम साहू ने नीलोत्पल की गुमशुदगी बाग सेवनिया पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, तभी रविवार सुबह करीब 9 बजे तलैया थाना क्षेत्र के राजाभोज सेतु के पास बड़े तालाब में उसकी लाश पानी में मिली। तलैया पुलिस का कहना है कि लाश दो दिन पुरानी है और मर्चुरी रूम में रखवा दी गई है। सोमवार को परिजन के पहुंचने पर सुपुर्द कर दिया जाएगा।

कुछ इस तरह लिखा सुसाइड नोट
बाग सेवनिया ने बताया कि गायब होने से पहले नीलोत्पल ने 20 पन्ने का सुसाइड नोट लिखकर कमरे की दीवार पर चिपका दिया था। रविवार सुबह तलैया क्षेत्र में अज्ञात युवक की लाश मिलने के बाद पुलिस ने हाथ पर लिखे नंबर के आधार पर उसकी शिनाख्त नीलोत्पल सरकार के रूप में की। सुसाइड नोट में नीलोत्पल ने समलैंगिक होने की बात लिखी है। उसने लिखा कि उसे गे होने पर गर्व है। साल 2016 में दीपावली के समय उसके सपने में काली मां आई थी। उन्होंने बोला था कि एक साल के अंदर ही तुझे तेरा जीवनसाथी मिल जाएगा, लेकिन इस जीवन में उससे शादी नहीं हो सकेगी। बल्कि अगले जनम में होगी। अगर तूने अपने प्रेम का इजहार किया तो भूचाल आ जाएगा। सुसाइड नोट में उसने कामा या देवी के दर्शन करने और उनसे पार्टनर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाने के लिए प्रार्थना करने की बात भी लिखी है।

चल रहा था इलाज
नीलोत्पल ने परिवार, दोस्तों और अन्य लोगों को इस जीवन में साथ देने के लिए धन्यवाद लिखा है। उसने यह भी बताया कि परिजनों ने मनोचिकित्सक से उसका इलाज कराने का प्रयास किया था, लेकिन उसने डॉक्टरों की दवाई नहीं ली। नीलोत्पल ने फेसबुक पर सुसाइड से संबंधित एक कमेंट्स डाला था। यह कमेंट्स पढ़ने के बाद दोस्त घर पहुंचे तो उन्हें कमरे पर ताला लगा था। मोबाइल भी बंद था। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक परसरराम से पूछताछ की थी। इंतजार करने के बाद भी जब नीलोत्पल का पता नहीं चला तो थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi