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‘‘स्काई योजना‘‘ देश और दुनिया की सबसे बड़ी मोबाईल कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली योजना: मुख्यमंत्री

कलेक्टर ने पीजी कॉलेज के छात्रों के साथ सुनी रमन के गोठ 

'Sky Scheme' 'scheme to provide country and world's largest mobile connectivity: Raman Singh
अम्बिकापुर, मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ की छŸासवीं कड़ी को कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने आज यहां शासकीय पी.जी. कॉलेज में प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं के साथ सुना। प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने ‘‘रमन के गोठ‘‘ को हर महीने प्रसारित होने वाले ज्ञानवर्धक कार्यक्रम बताते हुये इसकी मौलिकता की सराहना किये।
'Sky Scheme' 'scheme to provide country and world's largest mobile connectivity: Raman Singh ‘‘रमन के गोठ‘‘ की छŸासवीं कड़ी के बारे में स्थानीय राजमोहनी देवी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ज्योति सिन्हा ने कहा कि ‘‘रमन के गोठ‘‘ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा समसमायिक तीज-त्यौहारों, शासकीय योजनाओं तथा शासन द्वारा लिये गये निर्णयों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य के कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान सहित सातवें वेतनमान देने की घोषणा के बारे में भी आज के कड़ी में बताया गया, जिससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हर्ष है। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोŸार महाविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. ममता गुप्ता ने कहा कि आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बच्चों के टीकाकरण के संबंध में विस्तार से जानकारी देने के साथ ही साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी बताया है। उन्होंने कहा कि ‘‘रमन के गोठ‘‘ कार्यक्रम दूर-दराज क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिये जागरूकता कार्यक्रम के समान है।
‘‘रमन के गोठ‘‘ के छŸासवीं कड़ी में डॉ. रमन सिंह ने कहा छŸासगढ़ के विभिन्न तीज-त्यौहारों की शुभाकामना देते हुये प्रदेश की खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा कि पिछले चौदह वर्ष से राज्य सरकार लोक सुराज एवं विकास यात्रा के माध्यम से जनता के बीच जाकर उनकी मांग एवं समस्या को सुनती है, जिससे उनकी आकांक्षाओं का पता चलता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 50 लाख से अधिक हितग्राहियों को संचार क्राति योजना के माध्यम से स्मार्टफोन बहुत कम समय में दिया जा रहा है। 50 लाख में से 40 लाख स्मार्टफोन महिलाओं को दिये जाएंगे। इसके साथ ही 1600 मोबाईल टॉवरों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्काई योजना देश और दुनिया की सबसे बढ़ी मोबाईल कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली योजना है। स्काई योजना से प्रदेश में स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले आबादी 29 प्रतिशत से बढ़कर लगभग शत्-प्रतिशत हो जाएगी। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाईल कव्हरेज 66 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन का वितरण सामाजिक, आर्थिक जातिगत जनगणना के आधार पर पात्र हितग्राहियों को किया जा रहा है। स्काई योजना गांव, गरीब, किसान अनुसूचित जाति, जनजाति महिलाओं तथा युवाओं का सशक्तिकरण करेगी। उनके हाथों में मोबाईल कनेक्टिविटी की शक्ति और अपनी जरूरतें पूर्ण करने का उपकरण देगी।
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ शासकीय कर्मचारियों को एक सीमा में जाकर ठहराव का सामना करना पड़ता था। इस समस्या का हल निकालते हुये 1 जनवरी 2016 से सीधी भर्ती के पदों पर 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। चार स्तरीय वेतनमान से प्रति वर्ष लगभग 10 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही शासकीय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के 18 माह के एरियर्स की बकाया राशि का भुगतान 6 किश्तों में किया जाएगा। एरियर्स की राशि के रूप में लगभग 3 हजार 300 करोड़ रूपए का भुगतान किया जाएगा। डॉ. सिंह ने कहा कि महिला कर्मचारियों को प्रसूति के समय विशेष देख-रेख और खान-पान की जरूरत होती है, ऐसे समय में उनकी आर्थिक स्थिति और मनोबल रहना जरूरी है। संविदा में कार्यरत महिला कर्मचारियों को प्रसूति के दौरान वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता था। इस स्थिति को देखते हुये हमने शासकीय महिला कर्मचारियों की तरह संविदा महिला कर्मचारियों को 180 दिन का प्रसूति अवकाश देने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को अपनी पहली प्राथमिकता में रखा जिसके कारण प्रदेश में सिंचाई पम्प कनेक्शनों की संख्या लगभग 5 लाख हो गई है। किसानों को पम्प कनेक्शन देने के साथ ही किसान इन पम्पों का उपयोग कर सिंचाई के रकबे में वृद्धि सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि कृषक जीवन ज्योति योजना से किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है। इस योजना में पात्रता के लिये कुछ मापदण्ड रखे गये थे, जिससे कुछ किसान भाई इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाते थे। हाल के निर्णय में सारी सीमाओं को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अब प्रदेश के सभी किसानों के सभी पम्पों को बिना किसी क्षमता एवं खपत के सीमा के फ्लैट रेट से भुगतान की सुविधा मिलेगी। कृषक जीवन ज्योति योजना के अंतर्गत यह नई पहल ‘‘सहज बिजली बिल स्कीम‘‘ के नाम से जानी जाएगी। इस अवसर पर पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.के. त्रिपाठी, डॉ. कुसुमलता विश्वकर्मा, डॉ. सुषमा भगत, श्रीमती जे.जे. गुप्ता, डॉ. अजयपाल सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। इसके साथ ही जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष तथा जनपद एवं ग्राम स्तर पर भी ‘‘रमन के गोठ‘‘ का श्रवण किया गया।
ajay dwivedi
the authorajay dwivedi