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संकेत भोंडवे ने वनांचल ग्रामों का दौरा कर जानी जमीनी हकीकत

संकेत भोंडवे ने वनांचल ग्रामों का दौरा कर जानी जमीनी हकीकत

Signal Bhondave visits land in Vanchanchal villages

कोरबा, ग्राम स्वराज अभियान के द्वितीय चरण अंतर्गत कोरबा जिले के तीन दिवसीय प्रवास पर पहुॅचे भारत सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी संकेत भोंडवे (आई.ए.एस.) एवं अण्डर सेके्रटरी कुलभूषन नायर ने पाली एवं कोरबा विकासखण्ड के ग्रामों का निरीक्षण कर ग्राम स्वराज अभियान अंतर्गत संचालित भारत सरकार की सात महत्वाकांक्षी योजनाओं- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौभाग्य- प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, उजाला योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं मिशन इन्द्रधनुष का जायजा लिया। भारत सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी संकेत भोंडवे ने 12 जुलाई को पाली विकासखण्ड के – पोड़ी, पुलालीकला, कोडार, परसदा, बतरा, कर्रानवापारा, सराईपाली का दौरा कर हितग्राहियों से मुलाकात की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।

Signal Bhondave visits land in Vanchanchal villages

अण्डर सेक्रेटरी कुलभूषण नायर ने 12 जुलाई को चैतमा, मदनपुर, कुटेलामुड़ा, गोपालपुर, कांजीपानी, बनबांधा, कपोट, नानबांका आदि ग्रामों का निरीक्षण कर ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों से मुलाकात की। डिप्टी सेक्रेटरी संकेत भोड़वे ने 13 जुलाई को कोरबा विकासखण्ड के कोरकोमा, मदनपुर एवं बरपाली में आयोजित ग्राम सभा लेकर उपस्थित ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने को कहा। डिप्टी सेके्रटरी श्री भोड़वे ने कोरकोमा, मदनपुर, बरपाली के हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से मिलकर उन्हें अपने घरों में एलईडी बल्ब लगाने, भोजन पकाने के लिए उज्जवला योजना के तहत् प्रदाय किये जा रहे गैस सिलेण्डर का उपयोग करने, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों का प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत् खाता खुलवाने, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का फार्म भरने के लिए प्रेरित किया।

Signal Bhondave visits land in Vanchanchal villagesउन्होंने स्कूलों में युवा छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा, तथा जीवन में कैरियर को मुख्य उद्देश्य बनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। ग्राम सभा में केरवा, मुढुनारा, गेरांव, पसरखेत, कलमीटिकरा, कुदमुरा, जिल्गा, कटकोना, गिरारी, बासीन, चचिया, लुदुखेत, गीतकुमारी, सोलवां, सोनगुढ़ा, कोलगा, छुईढोंढ़ा, मोहनपुर, छिंदकोना, धौराभांठा, बगधरीडांड़, बासीन, कोदवारी, केराकछार, मौहार, फुलसरी, तराईमारडीह, बताती, राजाडाही, कलदामार, लबेद, डोकरमना, डिलाडेरा, पतरापाली, बैगामार के ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि ग्राम स्वराज अभियान के नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह तथा शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं मैदानी अमला उपस्थित थे। ग्राम भ्रमण के दौरान डिप्टी सेके्रटरी श्री भोडवे ने उज्जवला योजना अंतर्गत महिला हितग्राहियों को नवीन गैस कनेक्शन का सेट प्रदाय किया।
डिप्टी सेक्रेटरी श्री भोड़वे ने लोगों को आगे आकर योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कहा। इसी प्रकार भारत सरकार के अण्डर सेके्रटरी कुलभूषण नायर ने 13 जुलाई को कोरबा विकासखण्ड के ग्राम उरगा, सेमीपाली, अखरापाली, कुदुरमाल, देवरमाल, बरीडीह, कटबितला, भैसमा, बगबुड़ा, कुकरीचोली, मसान, चीतापाली, करमंदी, तिलकेजा, पहन्दा एवं पताढ़ी का निरीक्षण कर ग्राम सभा में सम्मिलित हुए एवं ग्रामीणों से मुलाकात कर शासकीय योजनाओं के संचालन की जानकारी ली। डिप्टी सेके्रटरी एवं अण्डर सेक्रेटरी ने कोरबा जिले में योजनाओं क्रियान्वयन तथा प्रगति पर संतुष्टि जताई तथा जिले के 288 ग्रामों को शत्-प्रतिशत आच्छादित करने के निर्देश दिये। डिप्टी सेके्रटरी के ग्राम भ्रमण के दौरान ग्राम स्वराज अभियान के नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह, लीड बैंक अधिकारी सुरेन्द्र साहा, कार्यपालन अभियंता छ.ग.राज्य विद्युत वितरण कंपनी (ग्रामीण) रंजीत कुमार, डीएनओ सुदिप्तो मजूमदार, कार्यपालन अभियंता एन.के.निखरा, एसबीआई से मैनेजर बरूआ, सीईओ जनपद पंचायत पाली एम.आर.कैवर्त, सीईओ जनपद पंचायत कोरबा प्रीति पवार, सहायक खाद्य अधिकारी मनोज त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।
क्रमांक 386/जिजसंका/फोटो क्र. 1 से 4 तक।

लापरवाही बरतने पर मलेरिया हो सकता है – जानलेवा !!
कोरबा, बरसात के मौसम आते ही मलेरिया बुखार का प्रकोप बढ़ना प्रारंभ हो जाता है। मलेरिया बुखार सामान्य बुखार की ही तरह होता है एवं समय रहते इसका ईलाज नहीं हो पाने पर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है तथा गंभीर मलेरिया से मृत्यु भी हो सकती हैै। मलेरिया के लक्षण इस प्रकार है- ठंड के साथ तेज कंपकंपी आना, कंपकंपी के साथ बुखार आना, अचानक ठंड लगना, पसीना आना, पसीना आकर बुखार कम होना व कमजोर महसूस करना, बुखार के साथ तीव्र सर दर्द, बदन दर्द, उल्टी दस्त, बेहोशी अथवा झटका आना, पेशाब की मात्रा में अधिक कमी अथवा पेशाब का पीलापन इत्यादि है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मलेरिया के रोकथाम हेतु उपाय के रूप में मच्छरों को नष्ट करने हेतु घरों के अंदर कीटनाशक दवा डीडीटी का छिड़काव कराएँ, घरों में व आसपास गड्ढों, नालियों, बेकार पड़े खाली डिब्बों, पानी की टंकियों, गमलों, टायर ट्यूब में पानी इकट्ठा न होने दें, हेण्ड पंप के आसपास पानी जमा न होने दें, चुंकि आमतौर पर यह मच्छर साफ पानी में पनपते हैं इसलिये सप्ताह में एक बार पानी से भरी टंकियों मटके, कूलर आदि खाली करके सुखा दें, जहां पानी एकत्रित होने से रोका नही जा सके वहां पानी पर मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल आॅयल छिड़कें, खिड़कियों, दरवाजों में जालियां लगवा लें। मच्छरदानी इस्तेमाल करें या मच्छर निवारक क्रीम, सरसों का तेल इत्यादि इस्तेमाल करें।
जिले वासियों से अपील की गई है कि वे बुखार आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या मितानिन से संपर्क करें तथा खून की जांच एवं ईलाज कराएँ। मलेरिया का निदान एवं उपचार समस्त शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

सर्पदंश में ईलाज हेतु जावें चिकित्सालय ना कि बैगा-गुनिया के पास
कोरबा, बरसात का मौसम सांपों का प्रजनन काल होता है जिसके कारण बरसात के मौसम आते ही सर्पदंश की घटनायें बढ़ने लगती है। गंभीर प्रकरणों में मरीज की मृत्यु भी हो जाती है। सर्पदंश से बचाव हेतु विशेष सावधानी बरतनी अति आवश्यक है। सर्प के काटने उपरांत परिलक्षित होने प्रारंभिक लक्षण में सर्प के काटने का निशान, सर्प द्वारा कटे स्थान पर सूजन एवं गंभीर दर्द होना, सर्पदंश वाले स्थान से खून बहना, जलन होना, उल्टी होना, बहुत ज्यादा पसीना आना, आंख की पलकों का न उठ पाना, धुंधली दृष्टि होना, सुन्नता, झुनझुनी, अधिक प्यास लगना, बुखार, पेशियों में ऐंठन, नाड़ी का बढ़ जाना, कमजोरी, चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि है। सांप के काटने पर शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ता है जैसे – नांक, मूंह एवं मसूड़ो से खून बहना, जीभ बाहर न निकाल पाना, बोलने एवं हाथ पैर उठाने में दिक्कत आना, सांस लेने में परेशानी होना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले वासियों से अपील की गई है कि सर्पदंश की घटना होने पर बैगा, गुनिया या ओझा के पास कदापि न जायें बल्कि तुरंत निकट के चिकित्सालय में उपचार लेवें। सर्पदंश का ईलाज ‘‘एंटी स्नेक वीनम’’ से किया जाता है जो कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है।

आगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ
कोरबा, एकीकृत बाल विकास परियोजना करतला में पुराने आंगनबाड़ी केन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 03 एवं सहायिका के 08 रिक्त पदों के लिये भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
परियोजना अधिकारी करतला ने बताया कि आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 27 जुलाई 2018 है। ग्रामवार कार्यकर्ता एव सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है । आवेदिकाओं को उसी ग्राम की निवासी होना अनिवार्य है जिसके लिऐ आवेदन किया जा रहा है। आवेदन पत्र पर पद एवं केन्द्र के नाम का स्पष्ट उल्लेख करना आवश्यक होगा । आवेदिकाओं की आयु 18 से 44 वर्ष के बीच होना आवश्यक है । कार्यकर्ता पद के लिये शैक्षणिक योग्यता 12 वीं एवं सहायिका के पद के लिये 8 वीं होना चाहिये । इच्छुक आवेदिकाएं निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन सीधे अथवा साधारण/पंजीकृत डाक से परियोजना कार्यालय में प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालयीन दिवसो में जमा कर सकते है। आवेदन की शर्ते तथा प्रारूप परियोजना कार्यालय करतला एवं ग्राम पंचायतो के सूचना पटल पर उपलब्ध है। नियुक्ति के संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी परियोजना कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

सोलेशियम फण्ड के तहत आर्थिक सहायता
कोरबा, सोलेशियम फण्ड के तहत बीमा कंपनी से कमला बाई पति हनुमान केंवट साकिन रलिया तहसील कटघोरा, जानकी बाई पति स्व. मिलनराम साकिन झालकछार तहसील कटघोरा एवं कमला कंवर पति स्व. अंबिका प्रसाद साकिन सेमीपाली तहसील कटघोरा को वितरण किये जाने हेतु 25-25 हजार रूपये का मृत्यु दावा धनादेश कलेक्टर कार्यालय को प्राप्त हो चुका है। डिप्टी कलेक्टर कोरबा द्वारा संबंधितों को मृत्यु दावा धनादेश प्राप्ति हेतु जिला कार्यालय कोरबा में साक्ष्य के साथ उपस्थित होने कहा गया है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi