सात दिन बाद भी बंद पडे़ एटीएम

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कम नहीं हो रही जनता की समस्या, बैंकों, पोस्ट आफिसों मंे लगी कतारें

Seven days after the lay-off ATMgajraj singh meena
ब्यावरा। सरकार के नोटबंदी फैसले के सात दिन बीत जाने के बाद भी नगर के अधिकांश एटीएम चालू नहीं हो पाए है। आम जनता बैंकों, पोस्ट आफिसों में भीड़ के रूप में जमा होकर परेशानी का दंश झेल रही है। मंगलवार दोपहर दो बजे तक नगर के एसबीआई के अधिकतर एटीएम चालू रहे, अन्य बैंको के एटीएम बंद रहने से आम जन परेशान होते नजर आए। नोट बदलने वालो की लम्बी लाईन बैंको में देखी गई। कुछ बैंको के हालत तो यह रहे कि नोट निकासी की सीमा अधिक हो जाने के कारण पहले ही नोट खत्म हो गए व लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई बैंकों में तो 4 बजे की काम बंद कर दिए जाने से आम लोग परेशान होते रहे। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का कई जगह पर स्वागत हुआ, तो कई लोग विरोध करते नजर आए। मंगलवार से एटीएम में निकासी की सीमा 2 हजार से बढ़ाकर ढाई हजार, बदलने की सीमा 4 से साढे़ 4 हजार और खातों से निकासी की सीमा 24 हजार रूपए कर दी गई, लोगों का मानना है कि आने वाले समय में राशि अधिक निकलने से राहत मिलेगी, लेकिन एटीएम में राशि नहीं होने के कारण बंद रहने से लोग इधर उधर भटकते रहे।
पोस्ट आफिस में लम्बी लाईन
एक दिन के अवकाश के बाद जब पोस्ट आफिस खुला तो लोगों की अधिक लम्बी दिखाई दी। पोस्ट आफिस में महिला और पुरूष सभी नोट बदलवाने में लगे हुए है। पुरूषों की लाईन में अधिक लोग खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लोगो का कहना था कि कम से कम घर खर्च के लिए पैसे तो मिले इसके लिए कई घंटो से इंतजार कर रहे है, किंतु परेशानी समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है।
युवक कांग्रेस ने लगाया तंबू
नोट बदलने के लिए लोगों को आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए युवक कांग्रेस द्वारा एसबीआई बैंक के सामने तंबू लगा कर लोगों के फार्म भरने सहित अन्य मदद की। कार्यकर्ता लोगों की मदद करने में लगे रहे। वहीं एनएसयूआई ने पीजी कालेज में पुराने नोट फीस के रूप में जमा नहीं करने पर प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पुराने 500 और 1000 के नोट फीस के रूप में लेने की मांग की, ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने चेतावनी भी दी।

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