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संगीनों के साए में होगा सतना-पन्ना रेल लाइन का शिलान्यास

Satna-Panna rail line building will be in the shadow of the saddle

चित्रकूट एक्सप्रेस से आएंगे डीआरएम, करेंगे रेल राज्यमंत्री की आगवानी

rajesh dwivedi

सतना। बहुप्रतीक्षित सतना-पन्ना रेलवे लाइन के 18 जनवरी को आयोजित होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत करने मंडल अधिकारियों की टीम के साथ जबलपुर मंडल के डीआरएम डा. मनोज सिंह बुधवार की रात चित्रक्ूट एक्सप्रेस से सतना पहुंचेंगे। रात में सतना जंक्शन आने के बाद डीआरएम मंडल अधिकारियों के साथ गुरूवार की सुबह नागौद पहुंचकर रेल राज्य मंत्री राजेन गोहाई की आगवानी करेंगे। गौरतलब है कि सतना-पन्ना रेल लाइन के शिलान्यास का कार्यक्रम नागौद के अगोल मैदान में रखा गया है, जहां शिलान्यास कार्यक्रम की भव्य तैयारियां की गई हैं।

Satna-Panna rail line building will be in the shadow of the saddleसतना-पन्ना रेल लाइन के शिलान्यास की तैयारियों के बीच विसंगतिपूर्ण मुआवजा वितरण का मसला सामने आने के बाद एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला नागौद विकासखंड अंतर्गत आने वाले विशिष्ट गांव बिकरा का है जहां मुआवजा निर्धारण में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। बिकरा गांव में राजस्व अधिकारियों की गफलत से जहां सरकार को स्टांप शुल्क के तौर पर लाखों का चूना लग चुका है, वहीं दूसरी ओर अब बिकरा गांव के किसानों को मुआवजे में भी चपत लग रही है।

क्या है मामला
मामला राजस्व अधिकारियों की चूक का है। बताया जाता है कि वर्ष 2054-15 में इस गांव की जमीनों की दर कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार 60 लाख रूपए एकड़ थी। बताया जाता है कि बाद में जब आनलाइन रजिस्ट्रियां शुरू हुईं तो इसकी दर रहस्यमयी अंदाज में घटकर आधी 30 लाख रूपए हो गई। यह दर निर्धारण हैरान करने वाली है क्योंकि समय के साथ जमीनों की कीमतें बढ़ती हैं। अब इसी दर पर मुआवजा दिए जाने की तैयारी की जा रही है, जिससे किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंच रहा है।

संगीनों के साए में होगा शिलान्यास
मुआवजा निर्धारण को लेकर किसानों की नाराजगी के चलते पन्ना सतना रेल लाइन के शिलान्यास का कार्यक्रम संगीनों के साए में होगा। गौरतलब है कि क्षेत्रीय किसान प्रशासन पर विसंगतिपूर्ण मुआवजा निर्धारण का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि कई गांवों में मुआवजा न बटने के बावजूद किए जा रहे शिलान्यास का विरोध किया जा रहा है। विसंगतिपूर्ण मुआवजा निर्धारण का शिकार हुए नागौद क्षेत्र के मढ़ा, खमरेही, इटमा बाघेलान, हरदुआ, अतरौरा, नौँनिया, गंगवरिया, पिपरी, बारापत्थर, सढ़वा, नामतारा, खैरा, बिकरा, भुलनी,रेरूआ खुर्द, बचवई, बरहा समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के प्रभावित किसान नाराज हैँ जिसके चलते शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भारी मात्रा में पुलिसबल के मौजूद रहने की संभावना है।

तो क्या नेता प्रतिपक्ष के समान दबाव नहीं बना पाए जनप्रतिधि
क्या सतना जिले के जनप्रतिनिधियों ने किसानों के हित में प्रशासन पर दबाव नहीं बनाया? यदि हम ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना से प्रभावित आसपास के जिलों का मुआवजा देखें तो स्पष्ट होता है कि नेता प्रतिपक्ष अजय सिह राहुल के गृह जिले में बांटे गए मुआवजे व नागौद क्षेत्र के किसानों को दिए जा रहे मुआवजे में भारी अंतर है। उ मीद जताई जा रही थी कि सांसद गणश सिंह किसानों के हित में मुआवजा निर्धारण की पेचीदगियों को सुलझाएंगे लेकिन उन्होने भी इस संवेदनशील मसले पर चुप्पी साध रखी है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi