राजगढ जिले का पहला मां-बेटी मेला आयोजित

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gajraj singh meena
राजगढ जिला मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जिले का पहला मां-बेटी मेला आयोजित किया गया। आयोजित मेले में विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं के मांता-पिता शामिल हुए और उनकी बेटियों द्वारा प्रदर्शित प्रतिभाओं को देखकर भावविभोर हुए । इस अवसर पर बालिकाओं ने पर्यावरण की रक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बहुरंगी संस्कृति में देश की एकता और अखण्डता का संदेश दिया । इस अवसर पर म.प्र.खादी ग्रामोद्योग बोर्ड उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, नगर पालिक परिषद अध्यक्ष श्रीमति मंगला शैलष गुप्ता, कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद, परियोजना समन्वयक सर्वशिक्षा अभियान श्री के.के.नागर, राजगढ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिवार सहित जिले के विभिन्न कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं, शिक्षक और छात्राओं के माता-पिता मौजूद रहे ।

ariniइस अवसर संबोधित करते हुए म.प्र. खादी ग्रामोद्योग उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा एवं नगर पालिक परिषद राजगढ अध्यक्ष श्रीमति मंगला गुप्ता ने बेटियों के माताओं से आग्रह किया कि बेटियां मां के सबसे करीब होतीं हैं । बेटियों को अच्छे संस्कार मिलें और वे खूब पढें । बेटियों को मुक्त आकाश में उडान भरने और उंचाईयां छूने से कभी रोके नहीं ।
कलेक्टर श्री शर्मा ने अभिभावकों से आग्रह किया कि बेटियों में छिपी आंतरिक प्रतिभा को पचाने, उसे आगे बढाएं और निखारें । शासन की योजनाओं का लाभ लें और बेटियों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दें, शादी की जल्दबाजी नहीं करें और जिले में व्याप्त परंपरा के रूप में कुप्रथाएं अगली पीढी में नहीं जाएं, यह वे सुनिश्चित करें । उन्होंने कहा कि बेटियां नए भारत और प्रदेश की सूचक हैं । वे अच्छी तरह से पढें और आगे बढें । इस मौके पर उन्होंने उपस्थितजनों को कुप्रथाओं से जिले को मुक्त कराने तथा बेटियों को पढाने का संकल्प भी दिलया ।

इसके पूर्व अतिथिगणों द्वारा आयोजित मां-बेटी मेला प्रांगण में अजीविका मिशन की स्व सहायता समूह द्वारा उत्पादित सामग्रियों , स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य एवं एनीमिया के परीक्षण, सर्व शिक्षा अभियान द्वारा खेल-खेल में पढो और याद करो विषय पर केन्द्रित और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा हस्तकला से बनाई गई श्रृंगार एवं सजावटी सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई गई । इस अवसर पर खेलकूद,मेंहदी, भाषण, चित्रकला, रांगोली, स्लोगन तथा लोक संस्कृति मांडना एवं सांझावली बनाए जाने की प्रतियोगिताओं के विजेता बालिकाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए ।