विपक्षी पार्टी के नेताओं से बेहतर हैं वेश्याएं: साक्षी महाराज

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Prostitutes better than opposition party leaders: Sakshi Maharaj

उन्नाव: अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। साक्षी महाराज ने विपक्षी पार्टी के राजनेताओं की तुलना में वेश्याओं को बेहतर बताया है। बीजेपी नेता के इस बयान से विवाद बढऩे की प्रबल संभावना है।

Prostitutes better than opposition party leaders: Sakshi Maharajअपने संसदीय क्षेत्र उन्नाव में मीडिया से बातचीत के दौरान साक्षी महाराज ने कहा, ‘‘अभी हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें शाहबुद्दीन के माध्यम से लालू नेएक रेस्टोरेंट में एक आतंकवादी के साथ बैठक की जिससे पाकिस्तान में घुसपैठ हो जाये और मुसलमानों में फ़तवा अपने लिए जारी करवा लिया जाए। ऐसी बात मुलायम सिंह के बारे में निकल कर आयी थी। ये दोनों राजनीतिक वोटों के लिये कितना नीचे गिर जायेंगे। मुझे लगता है कि कई स्तर पर वैश्या का तो कोई सिद्धान्त होता है पर राजनेता तो वैश्या से भी नीचे गिर जाता है जब उसे वोटों की राजनीति करता है।’’ ऐसे में भारतीय जनता पार्टी की जो सोच है कि ‘एक तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहे या न रहें।’

राष्ट्र की राजनीति करती है भाजपा
साक्षी महाराज ने कहा कि भाजपा राष्ट्र की राजनीति करती है। हिंदुस्तान की जनता को भी यही लगा है कि भाजपा ही एक पार्टी है जो राष्ट्र की राजनीति करती है। जबसे मोदी प्रधानमंत्री हुए हैं तबसे हिंदुस्तान में लोगों में राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद सिर चढ़ कर बोल रहा है। लोग आगे बढ़कर राष्ट्रवाद की बात करना चाहते हैं।

इस बार फिर पिटेगा पाकिस्तान
रविवार को हाने वाले भारत-पाकिस्तान के फाइनल मैच पर साक्षी महाराज ने टीम इंडिया को जीत की बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे ये कहते हुई प्रसन्नता हो रही है कि इतिहासिक भारत विजय प्राप्त करेगा। पाकिस्तान की स्थिति तो ये है कि ‘अबकी मार के देखना, अबकी मार के देखना, तो पकिस्तान हर बार पिटा है, इस बार फिर पिटेगा।

देश के जितने भी राजनीतिक दल हैं सब कांग्रेस के नाजायज औलाद
साक्षी महाराज ने कहा कि जिसने भी देश में राजनीतिक दल कुकुरमुत्ते की तरह पैदा हुए हैं सब कांग्रेस के नाजायज औलाद हैं। मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ नारे के आगे सब बौने हो गए हैं। सबके नीचे की जमीन खिसक गयी है। सब परेशान हैं और ऊल-जलूल बोल रहे हैं।