भावों को शुद्ध बनाने के लिए द्रव्य भी शुद्ध होना चाहिए- प्रभात सागर जी

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गंज मंदिर में चल रही है धर्मसभा

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अशोकनगर। भावों की शुद्धि के लिए द्रव्य की शुद्धि आवश्यक है। शुद्ध द्रव्य के अर्पण करने से भावों में भी निर्मलता आती है। हमारा धर्म भाव प्रधान है। द्रव्य तो निमत मात्र है यदि द्रव्य में ही हम अटके रहे तो अपने भावों को नहीं संभाल पाएंगे। भाव के संभलने से ही भव समलेगा।
यह बात अशोकनगर में विराजमान आचार्य विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनिश्री प्रभात सागर महाराज ने एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अनुमोदना से ही पुण्य की प्राप्ती होती है। यदि हम कोई कार्य शुद्धता पूर्वक नहीं कर पाते तो गलत कार्य न करें। गलत के स्थान पर अनुमोदना करें। उदाहरण के लिए आप आहार देने जा रहे है और आपके वस्त्र किसी कारण अशुद्ध हो जाते है तो आप आहार न दें बल्की अनुमोदना करें बल्की अनुमोदना का पुण्य अधिक होगा। भगवान रिषभदेव के साथ अन्य जीवों ने पूर्व जन्म में त्रियंच के पर्याय में अनुमोदना की और आगे उन्हें भी मानव जन्म मिला और उन्होंने अपना कल्याण किया।
उन्होंने कहाकि मर्यादा में बंधकर जो कार्य किया जाता है वह अवश्य सफल होता है। मर्यादाएं इसलिए बनाई गई है कि हम इनसे बंधकर शुभ कार्य करें। जो लोग अपना जीवन मर्यादा में जीते है वह दोनों कुलों की कीर्ति को बढ़ाते है। मर्यादा पुरूषोत्तम रामचंद जी की कीर्ति आज भी इसलिए गायी जाती है क्योंकि उन्होंने ही इस जगत को मर्यादा का पाठ पढ़ाया। हमारे यहां जन्मदिन सहित सब कार्यों का ग्रंथों में उल्लेख है। इसको कैसे मनाया जाए इसकी भी विधि और मर्यादा निश्चित की है। उन्होंने कहाकि विधिवत किए गए कार्यों का विशेष महत्व होता है। विधि का ज्ञान नहीं होने पर आप विधिवेता नहीं बन सकते। इसी प्रकार धर्म की विधि न करने पर आपको फल भी नहीं मिलेगा। यह मनुष्य जीवन बहुत दुलर्भता से मिला। किसलिए मिला है इस पर हम विचार करें। धन वैभव और अहंकार में न पढ़कर अपने विचारों में शुद्धता लाएं।
संगीतमय भागवत कथा कल से
अशोकनगर। श्रावण मास में संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। श्री गोपाल गौशाला ट्रस्ट द्वारा 2 अगस्त से 8 अगस्त तक श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भागवत प्रवक्ता पं. ओम प्रकाश शास्त्री गौधाम ललोई के श्रीमुख से भागवत कथा की गंगा बहेगी वहीं प्रतिदिन रात्री में भजन संध्या भी आयोजित होगी जिसमें श्रीधाम वृन्दावन से पधारी भजन गायिका राजेश्वरी धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियां देंगी। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी वहीं भजन संध्या प्रतिदिन रात्री 8 बजे मानस भवन गौशाला में सम्पन्न होगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष ओम प्रकाश चौधरी और सचिव ओमकार लोधी ठेकेदार ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से भागवत कथा और भजन संख्या में भाग लेकर धर्मलाभ उठाने की अपील की है। वहीं कल 2 अगस्त हरियाली अमावस्या को भागवत कथा के प्रारंभ से पहले कलश यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा। वहीं 8 अगस्त सोमवार को पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण होगा।