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मिशन-2018 की तैयारी: पार्टी के भितरघातियों में अखंड की आमद से मचा हड़कंप

मुरझाई भाजपा को मऊगंज में मिली ‘अखंड ज्योति’

Preparation of Mission -2016: Steeped with the influx of unbridled members of the party.akhand pratap singh

मुरझाई भाजपा को मऊगंज में मिली ‘अखंड ज्योति’

 

अरविंद मिश्र
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं मप्र लघु उद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह की आमद से भितरघातियों में हड़कंप मचा हुआ है। अपनों की अनदेखी के चलते क्षेत्र में पार्टी के कम होते जनाधार को भी अब संजीवनी मिली है। इसे भाजपा के स्थानीय एवं कर्मठ नेता किसी ‘अखंड ज्योति’ से कम नहीं मान रहे हैं।

Preparation of Mission -2016: Steeped with the influx of unbridled members of the party.
akhand pratap singh

बताया जाता है कि जब से पार्टी के आदेश पर अखंड ने रीवा जिले की मऊगंज विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता दिखाई है, तब से विपक्ष के विकास के कोरे दावों की पोल खोलकर रख दी है। वहीं मिशन-2018 में फतह के लिए आरएसएस के पदाधिकारियों ने भी क्षेत्र में अपनी सक्रिता बढ़ा दी है। अभी से घर-घर जाकर जनता को केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार की उपलब्धिां और जनहितैषी योजनाओं से अवगत करा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व भी यही चाहता है कि पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव में अखंड प्रताप सिंह को ही मऊगंज विधानसभा से टिकट दे। चूंकि अब क्षेत्र में भाजपा का कोई बड़ा और सक्रिय दूसरा नेता नजर नहीं आ रहा है। पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी की भी स्वास्थ्य खराब होने के कारण सक्रियता कम हो गई है। हालांकि अभी उन्होंने चुनाव लड़ने या न लड़ने की कोई घोषणा नहीं की है।

प्रदेश नेतृत्व से मिला सिग्नल
प्रदेश भाजपा नेतृत्व से मिले संकेत के बाद ही सिंह ने मऊगंज विधानसभा क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा है। पार्टी ने पिछले विस चुनाव में मिली करारी हार से सबक लेते हुए लगभग यह तय कर लिया है कि 2018 में क्षेत्र से कांग्रेस को अगर हराना है तो अखंड को ही उम्मीदवार बनाना होगा।

मऊगंज बनेगा जिला!
कांग्रेस के तमाम दावों और क्षेत्र में उजागर हो रहे घपलों से जनता भी मान लिया है कि अगर मऊगंज को जिला बना है तो वो भाजपा सरकार ही कर सकती है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले जिला बनाने का दावा किया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद किसी नेता ने भी जिला बनाने की मांग नहीं उठाई। इसके साथ ही पंचायतों में कमीशनखोरी और शुरू कर दी।

छटपटा रहा विरोधी खेमा
क्षेत्र में इनदिनों अखंड प्रताप सिंह दिन-रात जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। इससे कांग्रेस के साथ ही भाजपा के भितरघाती नेता छटपा रहे हैं। यहां तक कि अखंड के खिलाफ अंदरूनी रूप से दुष्प्रचार भी करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही यह भी राग अलाप रहे हैं कि विधानसभा चुनाव देखते ही सक्रिय हो गए हैं। इसके पहले कभी क्यों नहीं क्षेत्र में दिखे।

एक अनार सौ बीमार
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही क्षेत्र के हालात ऐसे हो गए हैं कि जैसे एक अनार और सौ बीमार। इस समय क्षेत्र में करीब एक दर्जन नेता चुनावी मैदान में उतरने के लिए अभी से ताल ठोक रहे हैं। अखंड प्रताप सिंह के अलावा राजेश पांडेय, सत्यमणि पांडेय, संतोष सिंह सिसोदिया, स्वदीप सिंह सिसोदिया, राममणि शुक्त, राजीव अवस्थी, विजय नारायण तिवारी, श्रीधर प्यासी, अंजू मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, इंद्रमणि प्रसाद विपिन मिश्रा और मनसुख लाल सर्राफ समेत आदि नेता दावेदारी कर रहे हैं।

सेंध लगाने में जुटी बहुजन समाज पार्टी
क्षेत्र में कांग्रेस डूबती नैया और भाजपा नेताओं की गुटबाजी का फायदा उठाने के लिए बहुजन समाज पार्टी सक्रिय हो गई है। अगर भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने समय रहते अपने छुटभैया नेताओं पर लगाम नहीं लगाई तो विंध्य की इस सीट से बसपा बाजी मार सकती है। हालांकि अभी अखंड के जाने के बाद क्षेत्र में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत हुई है। यहां तक कि जब से श्री सिंह ने क्षेत्र में सक्रियता दिखाई तब से अब तक में पूरे विधाससभा का वो दौरा कर चुके हैं और जनसंपर्क जारी है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi