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पटवारी का मामला विशेषाधिकार समिति के हवाले

मीडिया से जुड़े सवालो पर सदन में तीखी नोंक -झोंक

Patwari's case referred to privilege committeejitu patwari

सत्तापक्ष-विपक्ष में तीखी नोकझोंक

भोपाल। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी द्धारा मीडिया को आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने के मामले में विधान सभा में जमकर हंगामा हुआ। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे के आमने सामने आ गए। एक बार सदन की कार्रवाई आसंदी द्वारा 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी । बावजूद इसके जब दोबारा शुरू हुई तो भी हालात पहले जैसे ही रहे। विधानसभा में इस मुद्दे को मंत्री गौरी शंकर शेजवार ने उठाया, बाद में दस और विधायक जीतू के खिलाफ खड़े हो गए और विशेषाधिकार हनन लाने की बात कही। तत्काल पलटवार करते हुए वही कांग्रेस ने पाईंट आॅफ आर्डर की बात कहीं। इस मामले में सत्तापक्ष के गोपाल भार्गव,भूपेदं्र सिंह,डा नरोत्तम मिश्रा तथा लाल सिंह आर्य जैसे मंत्रियों ने भी अपनी बात रखी और विशेषाधिकार स्वीकार करने के पक्ष में तर्क भी दिए। भार्गव ने तो यहां तक कहा कि कम अनुभव में जीतू ने लंबी हाईट लेने की कोशिश की है जो गलत है। उन्होने हिदायत दी कि इस प्रकार की कोशिश उल्टा पड़ जाती है।

Patwari's case referred to privilege committee
jitu patwari

यह है मामला –
दरअसलबीते शुक्रवार को सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सवाल कर जानना चाहा था कि सरकार ने किन-किन संस्थाओं को ‘पेपरों या इलेक्ट्रॉनिक चैनलों’ को विज्ञापन दिए । इसका उत्तर ना मिलने पर उन्होंने सरकार को आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया । इतना ही उन्होंने यह भी कह डाला कि सरकार उन लोगों को विज्ञापन दे रही है जो या तो बीजेपी से जुड़े हैं या उनके कार्यकर्ता हैं । इस बात पर संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जीतू पर जमकर पलटवार किया । उस वक्त भी जीतू और सत्तापक्ष में जमकर नोंक झोंक हुई थी। और बरस पड़े। सत्ता पक्ष के विधायक कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी से अपनी बात पर माफी मांगने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया की स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दीथी।

इस मामले में गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पटवारी ने पूरे देश की मीडिया का अपमान किया है। वही जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम ने कहा कि ये चिंतनीय और निंदनीय विषय है। पटवारी की सदस्यता समाप्त की जाए। इस पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने पाइंट आॅफ आर्डर की बात कहीं। जिस पर मंत्री नरोत्तम ने जवाब देते हुए कहा कि इसमें पाईंट आॅफ आर्डर की कोई बात नही।

जो विषय विलोपित हुआ उस पर चर्चा कैसे –
सदन में आज जीतू पटवारी के मामले में चल रही चर्चा में एक अहम बात यह भी रही कि जो बात आसंदी ने बीते दिनों बिलोपित करा दिया वह रिकार्ड में कैसे आयी और चर्चा कैसे हो रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य रामनिवास रावत ने जवाब देते हुए कहा कि जो मामला विलोपित हो चुका है, उस पर विशेषाधिकार हनन लाने की बात करना गलत है। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने कहा कि दस विधायक मिलकर कांग्रेस विधायक के खिलाफ षड़यत्र रच रहे है, उन्हें बाहर निकालने में लगे हुए है।

बचाव में नेताप्रतिपक्ष उतरे –
वही जीतू के समर्थन में उतरे नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि अगर किसी को टिप्पणी से आहत हुआ है तो मैं माफी मांगता हूं। लेकिन वो सब सडलन की कार्रवाई से विलोपित कर दिया गया है। किसी की मंशा नही रही कि चौथे स्तंभ पर टिप्पणी करें। सत्ता पक्ष इस बात को बतंगड़ बना रही है।सत्तापक्ष मीडिया का हितेषी नही है, वो खुद का बचाव कर रही है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi