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सरकार के सुशासन पर भारी शिवराज के अधिकारी

पट्टे की भूमि पर कब्जा पाने दर-दर भटक रहा दलित

नेता के दखल से अपने ही भूमि से हुआ बेदखल

नहीं थम रही राजस्व विभाग के अफसरों की मनमानी

भोपाल । प्रदेश में लाख प्रयास के बाद भी राजस्व विभाग के अफसरों की मनमानी के कारनामे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुशासन को लेकर जितने गंभीर नजर आते हैं, प्रदेश की अफसरशाही उतनी ही बेलगाम कारनामे कर रही है। मामला राजधानी से रायसेन जिले की सटे गौहरगंज तहसील के ग्राम गुराड़ी का है। यहां के पट्टाधारी दयाराम पिता खुशीलाल को शासन द्वारा दी गई भूमि के सर्वे नंबर 76/2 रकवा एक एकड़ चार ढिसमिल पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। इससे परेशान दयाराम ने स्थानीय प्रशासन से लेकर कलेक्टर जनसुनवाई, जनशिकायत निवारण विभाग वल्लभ भवन भोपाल, मुख्यमंत्री जन सुनवाई से लेकर मप्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग को सौंपे अपने शिकायती पत्र में कहा है कि मेरे जमीन पर भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष का कब्जा है।

इस मामले में बड़ी बात यह है कि विधानसभा में सवाल उठाने पर तहसीलदार द्वारा राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी को भेजकर भूमि का सीमांकन तो करा दिया गया पर दबंग ने भूमि पर कब्जा नहीं छोड़ा और खड़ी फसल भी काट ली। इतना ही नहीं उक्त दबंग ने धान की फसल काटकर अब उस खेत पर दूसरी फसल बो दी गई है। राजस्व अफसरों द्वारा दबंग को संरक्षण देने से परेशान दलित दयाराम ने 26 दिसंबर 2017 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई में एक बार फिर शिकायत की तो राजस्व विभाग के अफसरों ने दबंग ओमप्रकाश मीणा से भूमि की अदलाबदली का दवाब बनाया जा रहा है।
विधानसभा को किया गुमराह
मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि दयाराम को कब्जा दिलाने के मामले में राजस्व विभाग के अफसरों ने विधानसभा को गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। विधायक अमर सिंह के विधानसभा के प्रश्न क्रमांक 6495 मार्च 2017 के उत्तर में राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि दयाराम को भूमि का कब्जा दिलाया जा चुका है। जबकि आज दिनांक तक दयाराम को की भूमि से दबंगों का दखल दूर नहीं हो पाया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्व विभाग के अफसरों को अब विधानसभा का भी खौफ नहीं रहा।
हर जगह की शिकायत
दयाराम ने 6 दिसंबर 2016 को कलेक्टर रायसेन को जनसुनवाई में शिकायत करते हुए भूमि पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई। यहां से जब राहत नहीं मिली तो 15 जनवरी 2017 को शिकायत क्रमांक 10108100 से जनशिकायत निवारण विभाग वल्लभ भवन भोपाल में भी अपनी फरियाद दर्ज कराई, इसके बाद भी दयाराम को अपनी भूमि पर कब्जा नहीं नहीं मिला है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi