सर सुंदरलाल अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की जगह दी गई नाइट्रस ऑक्साइड गैस

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Nitrose oxide gas given to patients in Sir Sunderlal Hospital for oxygen replacement

वाराणसी: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत जैसा एक और मामला सामने आया है. यूपी के ही वाराणसी में अस्पताल में बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है. बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की जगह दूसरी गैस दे दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई.

Nitrose oxide gas given to patients in Sir Sunderlal Hospital for oxygen replacementप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक सनसनीखेज घोटाले का खुलासा हुआ है. इस घोटाले की वजह से वाराणसी में कई मरीजों की जान चली गई.

दरअसल बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के सर सुंदरलाल अस्पताल में इसी साल छह और सात जून को ऑपरेशन के बाद कई मरीजों की मौत हो गई थी. अखबारों में आई खबरों में दो दिन में 20 मरीजों की मौत का दावा किया गया था. हालांकि अस्पताल प्रशासन के मुताबिक तीन मरीजों की मौत हुई थी.

सरकारी जांच रिपोर्ट में खुलासा
इस मामले में पांच पीड़ित परिवारों ने वाराणसी के लंका थाने में गैर-इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी. इसी मामले की सरकारी जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मरीजों की मौत ऑपरेशन के बाद गलत ऑक्सीजन दिए जाने से हुई थी.

दी गई नुकसानदायक नाइट्रस ऑक्साइड गैस
जांच में पता चला है कि मरीजों को मेडिकल ऑक्सीजन की जगह नुकसानदायक नाइट्रस ऑक्साइड गैस दे दी गई. रिपोर्ट में ये खुलासा भी हुआ है कि इलाहाबाद की जिस पारेरहाट कंपनी को ऑक्सीजन सप्लाई का ठेका दिया गया था, उसके पास ऑक्सीजन प्रोडक्शन का लाइसेंस ही नहीं है.

स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर जनरल को सौंप दी जांच
खास बात ये है कि ये कंपनी इलाहाबाद सिटी नॉर्थ सीट से बीजेपी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी की है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कल इस मामले की सुनवाई करते हुए इसकी जांच यूपी के स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर जनरल को सौंप दी है. हाईकोर्ट ने डीजी हेल्थ को पूरे मामले की जांच तीन अनुभवी डॉक्टरों से करवाने और उसकी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपने का आदेश दिया है.

हाईकोर्ट ने अस्पताल प्रशासन से भी पूछा है कि जिस कंपनी के पास मेडिकल ऑक्सीजन के प्रोडक्शन का लाइसेंस तक नहीं है, उसे ऑक्सीजन सप्लाई का ठेका कैसे दे दिया गया. हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक बीजेपी विधायक को भी पार्टी बनाया गया था, लेकिन अदालत ने अभी उनसे कोई जवाब नहीं मांगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई सत्ताईस अक्टूबर को होगी.