गीता ज्ञान प्रतियोगिता में मुसलमान लडकी ने पाया दूसरा स्थान

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Muslim girl found second place in Gita Knowledge competition
alia khan

लखनऊ: हिंदू धर्म में सबसे प्रसिंद्ध ग्रंथ और ज्ञान का सागर मानी जाने वाली पुस्कत ‘गीता’ को कंठस्थ यानी याद करना बहुत ही कठिन माना जाता है. साथ ही इसका ज्ञान हासिल कर लेना अपने आप में एक उपलब्धि मानी जाती है. गीता के इसी ज्ञान को समेटे हुए बच्चों को पुरस्कृत करने के लिए योगी सरकार ने गीता ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया. जिसमें पूरे प्रदेश भर के बच्चों ने हिस्सा लिया. इस प्रतियोगिता में मेरठ की 15 साल की एक मुस्लिम बच्ची आलिया खान ने उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है. वहीं, एक मुस्लिम मज़दूर की 16 साल की बेटी आफरीन लखनऊ डिवीज़न में फर्स्ट आई है.

Muslim girl found second place in Gita Knowledge competition
alia khan

यूपी के सारे सरकारी स्कूलों के लाखों बच्चों ने हिस्सा लिया
गीता ज्ञान की इस प्रतियोगिता में पूरे यूपी के सारे सरकारी स्कूलों के लाखों बच्चों ने हिस्सा लिया. भगवान कृष्ण के लिबाज में आलिया ने गीता को गाकर सुनाया. आलिया की उम्र बस 15 साल है. शायद इस उम्र में गीता का इतना बड़ा दर्शन उसे समझ नहीं आता हो, लेकिन इतना तो वो समझती है कि इसमें एक मजहब के भगवान ने जिंदगी का फलसफा बयां किया है, जो धर्मों के आर-पार जाता है.

ज्ञान लेने के लिए पढ़ती हूं गीता: आलिया बोली
प्रतियोगिता को दूसरा स्थान हासिल करने वाली आलिया ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मैंने गीता ज्ञान प्रतियोगिता में पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया. आलिया ने कहा कि किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा सब बहुत सोपोर्टिव हैं. अगर कोई कुछ कहता भी है तो मेरे पास सीधा सा जवाब है. मैं गीता किसी धर्म के कारण नहीं पढ़ती हूं. मैं गीता ज्ञान लेने के लिए पढ़ती हूं और ज्ञान हम कहीं से भी ले सकते हैं” इस मौके पर आलिया की मां अफरोज भी मौजूद थीं.

बेटी के प्रदर्शन से खुश हैं अफरोज 
अफरोज अपनी बेटी के प्रदर्शन से काफी खुश हैं. उन्होंने कहा कि लोगों हमें बधाई संदेश दे रहे थे और सब यहीं दुआ कर रहे थे कि वहीं से आलिया विजेता बनकर आए. आफरीन और आलिया को देखकर लगता है कि अंधेरी सुरंग के किनारे पर कहीं रोशनी की किरण अभी बाकी है.