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मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर गांव लमही को मिलेगा धरोहर का दर्जा

Munshi Premchand's birth anniversary will be inherited by the village.Munshi Premchand

प्रवेश द्वार पर बूढ़ी काकी, घीसू और माधव-होरी जैसे कथा पात्रों की प्रतिमाएं भी संरक्षित होंगी

पूरे गांव को धरोहर के रूप में संरक्षित करने की योजना

वाराणसी, प्रसिद्ध उपन्यासकार मुशी प्रेमचंद्र की जन्मतिथि के अवसर पर उनके गांव लमही को हेरिटेज विलेज घोशित करने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है. जल्द ही इस गांव को धरोहर का दर्जा मिलेगा। लमही को हेरिटेज विलेज बनाने का अहम फैसला वाराणसी मंडल के कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

Munshi Premchand's birth anniversary will be inherited by the village.
Munshi Premchand

कमिश्नर ने लमही को हेरिटेज विलेज घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। इस बैठक में मुंशी जी की जयंती के मौके पर लमही महोत्सव के कार्यक्रम को अंतिम रूप भी दिया गया। क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डा. रत्नेश वर्मा ने बताया कि लमही में बने मुशी प्रेमचंद स्मारक के अलावा राष्ट्रीय संग्रहालय और पूरे गांव को धरोहर के रूप में संरक्षित करने का प्लान है।

गांव के प्रवेश द्वार पर बूढ़ी काकी, घीसू और माधव-होरी जैसे कथा पात्रों की प्रतिमाएं भी संरक्षित होंगी। इसके लिए फर्स्ट फेज में यूनेस्को द्वारा निर्धारित दस नियम व शर्तें को लेकर डिटेल सर्वे कराया जाएगा। जहां कुछ कमी होगी उसे पूरा करने के बाद हेरिटेज विलेज घोषित करने की बाकी प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा। इस बार मुंशी जी की जयंती पर होने वाले लमही महोत्सव में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सहयोग से तीन दिनों तक कार्यक्रम लमही में ही आयोजित किए जाएंगे।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi