मुलायम ने धीरे से दिया शिवपाल को तगडा झटका

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Mulayam slowly gives a shock to Shivpal

लखनऊ: शिवपाल यादव ने शुक्रवार को ही समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने का ऐलान किया था और दावा किया था कि इस मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव होंगे। लेकिन एक दिन बाद ही मुलायम सिंह ने शिवपाल को लंगड़ी मार दी है।

Mulayam slowly gives a shock to Shivpalशिवपाल यादव की नई पार्टी बनाने के ऐलान पर मुलायम सिंह ने कहा कि शिवपाल से उनकी इस बारे में कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते से शिवपाल यादव से मिला ही नहीं हूं। हालांकि मुलायम ने कहा कि शिवपाल से बात कर उन्हें मनाने की कोशिश करूंगा। इससे पहले शुक्रवार को शिवपाल ने दावा किया था कि वे समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने जा रहे हैं जिसके अध्यक्ष मुलायम सिंह होंगे। शिवपाल यादव ने ये भी दावा किया था कि इस के लिए मुलायम सिंह ने अपनी सहमति दे दी है।

‘शिवपाल ने नए मोर्चे के बारे में मुझसे बात नहीं की: मुलायम
एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में नेताजी ने कहा कि, ‘शिवपाल ने नए मोर्चे के बारे में मुझसे बात नहीं की है। उन्होंने इस बारे में साधारण सा बयान दिया है। शिवपाल की भावनाएं आहत हुई हैं। मैं नहीं जानता कि अखिलेश क्यों अपने चाचा को नापसंद करता है। मैं हमेशा शिवपाल के लिए खड़ा रहूंगा, क्योंकि उसने हमेशा मेरे लिए संघर्ष किया और परेशानी झेली है’।

मुलायम ने कहा कि ‘परिवार का कोई भी सदस्य 25 साल पुरानी पार्टी में दरार नहीं चाहता। परिवार-पार्टी में कोई बिखराव नहीं है। पार्टी को बांटकर और कमजोर कर किसी को क्या मिलेगा’।

मैंने अखिलेश से कहा था: शिवपाल
शिवपाल ने दावा किया था कि सेक्युलर मोर्चा के लिए नेताजी ने सहमति दे दी है। शिवपाल ने इटावा में इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि, मैंने अखिलेश से कहा था कि वे सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ दें। मुलायम सिंह पार्टी के नए अध्यक्ष होंगे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सेक्युलर मोर्चा बना लेंगे’।

इस दौरान उन्होंने रामगोपाल यादव पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि, ‘लाखों-लाख लोगों के दु:ख-सुख में नेताजी भागीदार बने थे। मेहनत की, कुर्बानियां दीं, तब समाजवादी पार्टी बनी। लेकिन आज पार्टी के संविधान रचयिता को हमारी सलाह है कि उन शकुनि को अब गीता पढऩी चाहिए’

….मुलायम-अखिलेश साथ आए?
शिवपाल ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का अध्यक्ष बनाकर मुलायम सिंह की सियासत की विरासत पर दावा करने का दांव चला था। लेकिन पहले ही अखिलेश यादव ने शिवपाल पर हमला बोलते हुए कहा था कि, सेक्युलर राजनीति को बढ़ावा देना चाहिए। अब किस तरह से सेक्युलर मोर्चा बन रहा है, उसकी मुझे जानकारी नहीं है। हम समाजवादी हैं,परीक्षा देते रहे हैं। नंबर सही आने चाहिए। जितनी परीक्षाएं होंगी, देते रहेंगे।

अखिलेश यादव के बाद मुलायम सिंह यादव ने इस नए मोर्चे के बारे में शिवपाल के साथ किसी चर्चा से ही इनकार कर उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दी है। अब शिवपाल के लिए निर्णायक फैसला लेने का वक्त आ गया है कि ना केवल उनका भतीजा बल्कि वो बड़ा भाई भी उनके खिलाफ खड़ा हो गया है जिनकी उन्होंने जीवन भर सेवा की है। अब शिवपाल क्या मुलायम सिंह यादव के बिना ही सेक्युलर मोर्चा बना कर सियासी मैदान में अपनी ताकत और किस्मत आजमाएंगे।

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