नपा चुनाव मे मामा का नही चला जादू, अध्यक्ष प्रत्यार्शी की हुई हार

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Mama did not run magic, presidential defeat in election election

हर बार नपा की नैया को लगाते थे पार

प्लांट की युनिटो को बंद रखना पड़ा मंहगा

मामा के नाम से नही मिलता एजुकेशन लोन

विधान सभा सीट पर मंडरा रहा है खतरा

abdul rahman
सारनी। नपा चुनाव मे सीएम शिवराज मामा का जादू नही चला है। सीएम के प्रचार के बावजूद भी भाजपा की अध्यक्ष प्रत्यार्शी को हार का मुंह देखना पड़ा है। नपा चुनाव मे अध्यक्ष की हार को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष एवं विधायक समीक्षा करने के लिए पंहुच रहे है। नपा चुनाव के बाद क्षेत्रीय विधायक के लिए भी खतरे की घंटी बज रही है। इसी वजह से पावर प्लांट की लंबे समय से बंद जीन बड़ी इकाईयो को चालु करना पड़ा है। इकाईयो के चाल करने के मामले मे कई प्रकार की अटकले लगाई जा रही है। बताया जाता है कि बैतूल जिले मे सांसद एवं विधायक शिवराज और मोदी के नाम पर जीत गए है। जिले के विकास के नाम पर यहां के जनप्रतिनिधियों ने कोई खास उपलब्धी हासिल नही की है। केंद्र एवं प्रदेश मे भाजपा की सरकार होने के बाद भी जिले के लोग रोजगार पाने के लिए पलायन करने पर मजबुर है। सांसद ने अपने दस साल के कार्यकाल मे घोड़ाडोगरी रेल्वे स्टेशन पर एक ट्रेन का स्टापेज नही करा सकी है। वही दूसरी तरफ बरेठा मार्ग एवं राजडोह का पुल भाजपा के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। भाजपा सरकार ने जिले मे आज तक कोई बड़ा उधोग एवं कारखाना नही लगा है। जिसकी वजह से जिले के शिक्षित बेरोजगार नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरे खाने के लिए मजबुर है। जिले की सांसद एवं भाजपा के चार विधायक केंद्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार से जिले मे विकास की गंगा बहा सकते है। परंतु जनप्रतिनिधियो ने जिले के विकास पर पर ध्यान ही नही दिया है। जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।

Mama did not run magic, presidential defeat in election electionमामा के नाम नही मिलता लोन
प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी सभाओ मे भांजे एवं भांजियो को शिक्षा मे लोन पाने के लिए बैंको मे मामा के नाम की गारंटी देने की बात करते है। बैंक प्रबंधन मामा को नही पहचानती है। बैंक एजुकेशन या कोई भी लोन बगैर गारंटी के नही देती है। जिले मे एक भी भांजे एवं भांजियों को मामा के नाम पर लोन नही मिला है। इतना ही नही मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत गरीबी रेखा के निचे जीवन यापन करने वाले लोगो को दो लाख के लोन पर बैंक मे एक लाख की एफडी एवं सर्विस वाला गारेंटर देना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि गरीब आदमी एक लाख की एफडी होती तो लोन ही क्यो लेता। भाजपा के नेता इस ओर ध्यान नही देते है। जिसका वजह से मामा का नाम अब एक मजाक बन कर रह गया है।

आमला-सारनी विधान सभा खतरे मे
नपा चुनाव मे भाजपा की हार के बाद आमला सारनी विधान सभा पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे है। रोजगार के मामले मे जिले मे सबसे खराब हालत आमला सारनी विधान सभा क्षेत्र की लगती है। इस क्षेत्र का पावर प्लांट एवं कोयले की खदाने दम तोडऩे लगी है। जिससे यहां पर रोजगार एवं नौकरी के साधन दिनो दिन कम हो रहे है। सासंद एवं विधायक की अनदेखी की वजह से पाथाखेड़ा क्षेत्र की तीन कोयला खदाने बंद होने के अलावा सारनी पावर की पांच छोटी इकाईयो को कबाड़े मे बेच दिया है। जिसकी वजह से जिले का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र अपनी पहचान खोने लगा है। हालत यह यह कि इस क्षेत्र के लोग अपना रोजगार समेटने लगे है।