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महाकाल की नगरी से सवर्णाे ने भरी हुंकार

रैली रूपी महाकुंभ में सवर्णों का आक्रोश झलका,शिवराज के पोस्टरों पर लाठी बरसाई

डेढ लाख से अधिक लोगों ने रैली में भाग लेकर प्रदर्शन किया,करणी सेना के आव्हान पर जुटकर विरोध किया

brijesh parmar

उज्जैन। उज्जैन मेंअजाजजा कानून के विरोध में और आरक्षण के खिलाफ स्वर्ण और पिछड़ों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर चुनावी साल में सरकार की नींद उड़ा दी है। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर पर लाठियां बरसाई गई। पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ स्थिति को संभाला। पुलिस अगर मौके पर नहीं होती तो लोगों का आक्रोश संभालना मुश्किल हो जाता ।रैली करणी सेना के आव्हान पर निकाली गई ,इसमें सपाक्स और पिछडे वर्ग के लोग भी शामिल हुए । डेढ लाख से अधिक विरोध करने वाले इसमें शामिल हुए।

उज्जैन में नानाखेड़ा पर सवर्ण, पिछड़ी जाति, करणी सेना, सपाक्स और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों ने एट्रोसिटी एक्ट का ऐतिहासिक विरोध किया। आंदोलनकारियों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई । इसके अलावा प्रदर्शनकारी यह मांग भी उठा रहे हैं कि एट्रोसिटी एक्ट वापस लिया जाना चाहिए ।

इस दौरान युवाओं की संख्या से उज्जैन की सड़के छोटी पड़ गई । यह उज्जैन के इतिहास में पहला इतना बड़ा प्रदर्शन है जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों की रैली भी ऐतिहासिक हो गई है ।राजपूत करणी सेना के प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अभी तो ट्रेलर है, अभी फिल्म पूरी बाकी है। ऐसी स्थिति में आने वाले समय में प्रदर्शनकारी राजधानी भोपाल सहित अन्य स्थानों पर भी ताकत दिखा सकते हैं। इस आंदोलन में सपाक्स सहित अन्य संगठनों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। रैली का कई समाजों ने जोरदार स्वागत किया गया ।

टावर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर पर लाठियां चलाई । इस दौरान माधव नगर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका । हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कुछ और नेताओं के भी पोस्टर फाड़ दिए, जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे ।हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के खिलाफ भी बयानबाजी की लेकिन उनका ज्यादा आक्रोश सत्तारूढ़ पार्टी की तरफ देखा गया।

-बड़ी संख्या में महिलाए भी शामिल

विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई। मामले की नज़ाकत को और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिसबल तैनात किया गया था।करणी सेना के युवा विरोध स्वरूप काले कपड़े और हाथों पर काली पट्टी बांधकर शहर के प्रमुख रास्तों निकले। रैली में संभाग के सभी जिलों से करणी सेना के साथ ही महिलाएं एवं युवतियां भी शामिल होने आई थी ।महिलाओं और युवतियों ने भी रैली में जमकर अपना विरोध दोनों ही मुद्दों पर व्यक्त किया।

-इंदौर रोड पर चौतरफा जाम

करणी सेना और सपाक्स‍ के विरोध में संभाग के साथ ही राजस्थान के भी कुछ क्षेत्रों से करणी सेना के युवा आए थे। चौपहिया वाहनों की अपार संख्या के कारण पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई जिसके चलते इंदौर रोड राजमाता सिंधिया स्टेडियम के चारों और जाम की स्थिति बन गई । जाम बार –बार लगता और खुलता रहा।

-रैली 3.30 घंटे की, सभा डेढ घंटे की

नानाखेड़ा स्टेडियम से शुरू हुई रैली 11.30 बजे रवाना हुई यहां से रैली फ्रीगंज ,टावर,चामुण्डा चौराहा,देवासगेट ,मालीपुरा,दौलतगंज,नईसडक,कंठाल,तेलीवाडा, बुधवारिया,फाजलपुरा, आगररोड से चिमनगंज मंडी परिसर में सभा के रूप में परिवर्तित हुई।रैली करीब 5 किलोमीटर भ्रमण कर सभा स्थल पर पहुंची।दोपहर 3 बजे से सभा की शुरूआत हुई यहां करीब 8 वक्ताओं ने अजाजजा कानून को वापस लेने और संशोधन का पक्ष रखने के साथ ही आरक्षण को आर्थिक आधारित करने का पक्ष मजबूती से रखने के साथ ही अपनी मांग भी रखी।

-मंच पर मात्र संबोधनकर्ता

चिमनगंज कृषि उपज मंडी में आयोजित सभा स्थल पर बहुत ही अनुशासन की स्थिति रही। मंच पर मात्र संबोधनकर्ता नेता ही पहुंच रहे थे।पुरा मंडी परिसर खचाखच भरा हुआ था लोग मंडी की अनाज निलामी की फड पर उपर चढकर सभा को सुनते रहे।मंडी से लेकर नानाखेड़ा स्टेडियम तक रैली का सिरा देखने को नहीं मिल रहा था।सभा स्थल पर तमाम नेता मंच से नीचे ही बैठे थे संबोधन के समय ही मंच पर संबंधित नेता पहुंचे और अपना संबोधन देकर पून:नीचे आकर बैठ गए ।

-रैली महाबवंडर साबित हुई

करणी सेना ने अपनी विरोध रैली को महाबवंडर नाम दिया था। इसकी तैयारी गांव गांव जिले जिले में की गई थी।उज्जैन संभाग के साथ ही राजस्थान के मध्यप्रदेश से जुडे हिस्से में भी रैली में शामिल होने के लिए करणी सेना के युवा शामिल होने पहुंचे थे।इसके चलते रैली ने दिए गए नाम को सार्थक करते हुए उज्जैन में इतिहास रच दिया।

-हमारा अगला कदम भोपाल होगा-सुखदेवसिंह

सभा को संबोधित करते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेवसिंह ने कहा कि अजाजजा कानून में परिवर्तन किया जाना चाहिए और आरक्षण को आर्थिक आधार पर किया जाना चाहिए।अगर अब भी हमारी बात को स्वीकार नहीं किया गया तो अगला कदम भोपाल होगा।करणी सेना कोई चुनाव नहीं लडेगी। कांग्रेस,भाजपा और न ही किसी अन्य दल का सहयोग ही करेगी। करणी सेना के शैलेन्द्रसिंह झाला ने सांसद डा. चिंतामणि मालवीय के बयान की आरक्षण खत्म नहीं हो सकता पर कहा कि सांसद को सवर्णों के गांव में घुसने नहीं देंगे।सभा को सपाक्स के हीरालाल त्रिवेदी,क्षत्रिय महासभा के अनिलसिंह चंदेल के साथ ही करीब 10 नेताओं ने संबोधित किया।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi