पिपलिया कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को बड़ा घोटाला उजागर

0
52
Highlighting big scandal on Friday in Pipalia Agricultural Produce Market

brijesh parmar

पिपलिया, कृषि मंडी में बड़ा घपला उजागर, फर्जीवाड़ा कर व्यापारियों को लगाई जा रही थी लाखों की चपत, कलेक्टर के निर्देश पर पहंचे अधिकारियों ने की प्रारंभिक जांच में तीन रसीद कट्टों की नही मिली रजिस्टर में इंट्री, शक की सुई मंडी कर्मचारियों पर  पिपलिया स्टेशन कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को बड़ा घपला उजागर होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारी कृषि मंडी पहंचे व जानकारी लेकर जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। प्रारंभिक तौर पर जांच के दौरान नीलाम पर्ची के तीन रसीद कट्टों का रजिस्टर में उल्लेख नही मिला, इससे साफ जाहिर है कि लंबे समय से यह फर्जीवाड़ा चल रहा है, जिसमें लाखों रुपए का घपला उजागर होने से इंकार नही किया जा सकता है।

Highlighting big scandal on Friday in Pipalia Agricultural Produce Marketशक की सुई मंडी कर्मचारियों पर जा रही है। इस फर्जीवाड़े के विरोध में सुबह नीलामी शुरु नही हुई, व्यापारियों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मंडी बंद कर दी। किसान परेशान होते रहे। अधिकारियों की समझाइश के बाद दोपहर 2 बजे मंडी शुरु हो पाई। जानकारी के अनुसार मंडी व्यापारी बंशीलाल पिता रतनलाल पोरवाल ने गुरुवार को 81 लहसुन के ढ़ेर खरीदे थे, लेकिन भुगतान पर्ची 82 ढ़ेर की आई। व्यापारी ने जब मिलान किया तो पाया कि 11 क्ंिवटल की 7458 रुपए की पर्ची ललित करोद के नाम की ज्यादा थी, जिसका भुगतान भी वह कर चुका था। शाम को पता चलने के बाद व्यापारियों ने सुबह नीलामी शुरु ही नही की। साढ़े नौ बजे से दोपहर 1 बजे कृषि उपज मंडी कार्यालय में व्यापारी डटे रहे, नीलामी नही होने से बड़ी संख्या में किसान भी एकत्रित हो गए। किसानों का कहना था मंडी प्रशासन व व्यापारियों के कारण हमें बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।

Highlighting big scandal on Friday in Pipalia Agricultural Produce Marketविवाद के दौरान मंडी सचिव राजेन्द्र कन्नोजिया व अध्यक्ष सुरेश रुपरा नही थे। इस बीच कांग्रेस नेता अनिल शर्मा ने मौके पहंुच कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव को मामले की जानकारी दी। कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक एसएस राठौर, मंदसौर मंडी सचिव ओपी शर्मा, नायब तहसीलदार संतोष घाटिया, कस्बा पटवारी दिग्विजयसिंह, पूनमचंद जैन आदि मंडी कार्यालय पहंुचे। इस दौरान मंडी अध्यक्ष सुरेश रुपरा भी मंडी कार्यालय पहंुच गए। मंडी व्यापारी मोहनलाल गुप्ता, रुपचंद होतवानी, कैलाश गुप्ता, अनिल मुजावदिया, सुनील घाटिया, सीताराम अग्रवाल के साथ ही हम्माल तुलैया संघ प्रतिनिधि रमेश शर्मा आदि की उपस्थिति में मंडी व प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जांच कराई जाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समझाइश के बाद दोपहर 2 बजे मंडी नीलामी चालू हो पाई।

Highlighting big scandal on Friday in Pipalia Agricultural Produce Marketरजिस्टर में नही मिली 3 रसीद कट्टों की इंट्री:-
प्रारंभिक तौर पर जब अधिकारियों ने रसीद कट्टों की इंट्री का रजिस्टर मंगवाया तो 2 कट्टों की इंट्री नही थी। वहीं वर्तमान में जिस पर्ची से व्यापारियों को चपत लगाई गई, उस सिरियल का कट्टा भी नही था। एक रसीद कट्टे में 100 पर्ची आती है, इस तरह करीब 300 पर्चीयों पर फर्जीवाड़ा कर राशि निकालना तो सामने आ गई है, लेकिन यह कितने लम्बे समय से चल रहा था और व्यापारियों को फर्जी पर्ची थमाकर कितनी राशि की धौखाधड़ी हुई यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

Highlighting big scandal on Friday in Pipalia Agricultural Produce Marketअधिकारियों ने कहा व्यापारी व तुलावटी भी दोषी:-
कलेक्टर के निर्देश पर जांच करने पहंुचे अधिकारियों ने कहा कि व्यापारी व तुलावटी भी इसमें दोषी है, नियमानुसार तुलावटी द्वारा दी जाने वाली पर्ची जाने के बाद ही व्यापारियों को भुगतान करना चाहिए, लेकिन सीधे पर्ची के आधार पर अगर भुगतान हो रहा है, तो व्यापारी व तुलावटी भी दोषी है। वैसे रसीद कट्टे में तीन प्रत में पर्ची बनती है, जिसमें एक किसान, दूसरी व्यापारी व तीसरी मंडी कार्यालय के पास रहती है। उसके बावजूद सीधे रसीद कट्टे मंडी रजिस्टर में दर्ज किये बगैर ही पर्चीयां देकर व्यापारियों से फर्जी रुप से भुगतान लिया जा रहा है।

Highlighting big scandal on Friday in Pipalia Agricultural Produce Marketयह कट्टे मिले गायब:-
दिनांक 20 मार्च 2017 में जारी किये गए रसीद कट्टों में सीरियल नम्बर 3483 के नम्बर के रसीद कट्टे के बाद सीधे 3485 का रसीद कट्टा जारी होना दर्शाया। इसी तरह 23 मार्च 2017 को रसीद पर्ची नम्बर 3504 के बाद सीधे 3506 का कट्टा जारी किया, इसमें 3505 वाले कट्टे इंन्द्राज नही है। साथ ही व्यापारी बंशीलाल पिता रतनलाल पोरवाल से 7458 रुपए पर्ची का भुगतान जिस कट्टे की पर्ची से फर्जी रुप से लिया है, वह रसीद कट्टा नम्बर 5050 भी रजिस्टर में इन्द्राज नही है। यह तो हाल ही में गायब हुए रसीद कट्टों की जानकारी है, इससे पहले के रजिस्टर चेक नही किये है। जांच के दौरान बड़ा खुलासा होने की संभावना है।

मुझे जानकारी नही, भोपाल हं पेशी पर:-
मंडी सचिव राजेन्द्र कन्नौजिया से जब मामले को लेकर जानकारी चाही तो उनका कहना था मुझे मामले की जानकारी नही है, क्या हुआ ? भोपाल एमडी साहब ने पेशी पर बुलाया था, यहां हं।