पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर नौनिहाल

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Forced to read under the tree;

जरजर भवन खोल रहा स्कूल चलें हम अभियान की पोल

Syed Javed Ali
मंडला – मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में स्कूल चलें हम, सर्व शिक्षा अभियान जैसे तमाम दावों की पोल खोल सरकारी स्कूल के बच्चे खोल रहे है जो खुले आसमान में पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला यह मामला मंडला जिले के नैनपुर विकासखंड के गजना गांव का है जहां खुले आसमान में पेड़ के नीचे पढाई के नाम पर नौनिहाल बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षकों और ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पुराने स्कूल भवन जर्जर हालत में है ऐसे में स्कूल भवन के अंदर बच्चों को बैठाना जानलेवा साबित हो सकता है। स्कूल भवन की मांग को लेकर ग्रामवासियों एवं शिक्षकों द्वारा अनेकों शिकायतें शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन से की गई है लेकिन जवाबदार अधिकारीयों ने अब तक इनकी सुध तक नहीं ली है। वहीं शिक्षा समिति के सभापति व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मामले को गंभीरता से लेते हुये तीन दिवस के अंदर भवन उपलब्ध कराने की बात कर रहे है।

Forced to read under the tree;स्कूल चलें हम, सर्व शिक्षा अभियान जैसे तमाम दावों की पोल खोलती यह तस्वीरें मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले की है जहां सरकारी स्कूल के बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। खुले आसमान में पेड़ के नीचे जमीन में बैठकर पढाई करते ये बच्चे प्राथमिक शाला गजना के छात्र हैं। इस स्कूल की दर्ज़ संख्या 43 है। इस स्कूल छात्र उमराव नेटी ने बताया कि स्कूल भवन के छत की हालत जर्जर है। एक बार उसके ऊपर छत का हिस्सा गिरगया था जिससे उसके हाथ और पैर में चोट लगी थी। इसी वजह से स्कूल के अंदर बैठने से उसे डर लगता है। प्राथमिक शाला गजना के प्रधान पाठक रमेश मसराम बताते है कि वर्ष 2011 से स्कूल भवन काफी जर – जर हो चुका है। छत का मलबा सड़ गया है जो टूट टूटकर नीचे गिरते रहता है जिसकी चपेट में आने से कई बच्चे घायल भी हो चुके हैं। हादसे की प्रबल संभावनाओं को देखते हुये शिक्षकों ने बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ाने का निर्णय लिया है। बारिश के दौरान स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है। स्कूल की स्थिति से उन्होंने हर स्तर पर शिकायत की लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ।

Forced to read under the tree;अभिभावक अतर लाल सिंह बताते है कि स्कूल भवन की बदहाली को देखते हुए पेड़ के नीचे स्कूल लगाया जा रहा है। स्कूल बाहर लगने से बच्चों का ध्यान भट्कता है, वो ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाते। ग्रामीण वर्ष 2011 से स्कूल भवन की मांग करते करते थक गये हैं लेकिन प्रशासन से अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिलते आया है। अभिभावक चाहते है कि जल्द स्कूल भवन का इंतिज़ाम किया जाये ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

Forced to read under the tree;15 जून से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। मंडला जिले के जवाबदार अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भी शहर के सरकारी स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ फोटो खिंचवाकर खुद की पीठ थपथपाने का काम किया है लेकिन जिले में गजना जैसे न जाने कितने सरकारी स्कूल हैं जिसकी सुध लेने की फुर्सत न अधिकारीयों के पास है और न जनप्रतिनिधियों के पास है। वहीं शिक्षा समिति के सभापति व जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा मामले को गंभीरता से लेते हुये तीन दिवस के अंदर भवन उपलब्ध कराने की बात कर रहे है।