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“रुक जाना नहीं” बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिये है योजना

करीब 62 हजार विद्यार्थी को मिला आगे पढ़ने का मौका

brijesh parmar
उज्जैन। प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा-10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों में हीन भावना को दूर करने के लिये अभिनव योजना “रुक जाना नहीं” शुरू की गयी है। योजना के जरिये अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को राज्य ओपन स्कूल के माध्यम से बिना साल खराब हुए आगे पढ़ने का मौका दिया जाता है। वर्ष 2016 में बोर्ड परीक्षा में 61 हजार 968 अनुत्तीर्ण विद्यार्थी ओपन स्कूल की परीक्षा देने के बाद उत्तीर्ण हुए। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह महसूस किया था कि बोर्ड की परीक्षा में अनुत्तीर्ण के बाद छात्र आत्महत्या जैसे गंभीर कदम भी उठाते हैं। इसे देखते हुए “रुक जाना नहीं” योजना शुरू की गयी।
बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिये जून-2016 में “रुक जाना नहीं” योजना में प्रवेश परीक्षा आवेदन ऑनलाइन भरवाये गये। कक्षा-10 और 12 के लिये पूर्व पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्न-पत्र तैयार कर राज्य के 51 जिला मुख्यालय पर बनाये गये परीक्षा-केन्द्रों पर परीक्षाएँ हुई। प्रथम चरण की परीक्षा में कक्षा-10 में 96 हजार 306 और कक्षा-12 की बोर्ड परीक्षा में 77 हजार 176 विद्यार्थी शामिल हुए। कक्षा-12 का परीक्षा परिणाम 28 जुलाई और कक्षा-10वीं का परीक्षा परिणाम 10 अगस्त को घोषित किया गया। इन परीक्षाओं में 36 हजार 915 विद्यार्थी उत्तीर्ण होने में सफल हुए हैं। अब ये विद्यार्थी आगे की कक्षाओं में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।
“रुक जाना नहीं” योजना का दूसरा चरण वर्ष 2016 में सितम्बर-अक्टूबर में हुआ। दूसरे चरण की परीक्षा में कक्षा-10 और 12वीं में 58 हजार 771 विद्यार्थी शामिल हुए। इन विद्यार्थियों में से 25 हजार 53 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए और इन्होंने आगे की कक्षाओं में पढ़ाई जारी खरी। योजना में तीसरा चरण दिसम्बर-2016 में हुआ। कक्षा-10 और 12वीं की परीक्षा में 58 हजार 770 विद्यार्थी शामिल हुए। तीसरे चरण का परीक्षा परिणाम जल्द ही घोषित किया जा रहा है।
परीक्षा के पहले प्रत्येक जिला मुख्यालय पर सात दिवस का सम्पर्क कार्यक्रम भी विद्यार्थियों के साथ रखा गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखने की समझाइश दी गयी।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi

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