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नीति नहीं होने के कारण होता है भ्रष्टाचार: बाबूलाल

नीति नहीं होने के कारण होता है भ्रष्टाचार: बाबूलाल

Corruption is due to non-policy: Babulalbabulal_gaur

भोपाल। भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि उद्यानिकी विभाग में अनुसूचित जाति और जनजाति के हितग्राहियों के लिए स्पष्ट नीति न होने होने के कारण इसमें भ्रष्टाचार होता है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी उनकी बात का समर्थन किया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक विजय सिंह सोलंकी के सवाल पर चल रही चर्चा के दौरान गौर ने यह बात कही। सदन में लगाए सवालों के माध्यम से कांगे्रस सदस्य विजय सिंह सोलंकी ने जानना चाहा था कि उद्यानिकी विभाग की योजनाओं में अजा और अजजा वर्ग को कितना लाभ मिला है, उन्होंने इसकी सूची भी मंत्री से मांगी थी। मंत्री ने उन्हें हितग्राहियों की जानकारी देते हुए कहा कि जाति प्रमाण पत्र संबंधी विभागीय नीति निर्देश जारी नहीं हुए हैं। इस पर गौर ने हस्तक्षेप करते हुए भ्रष्टाचार की बात कही।

Corruption is due to non-policy: Babulal
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580करोड़ की प्रतिपूर्ति सहकारिता ने की है
सदन में एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने यह स्वीकार किया है कि पिछले दो सालों में प्याज खरीदी पर 661 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। विपणन संघ को हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए राज्य शासन ने सहकारिता विभाग के बजट से प्याज खरीदी में हुए नुकसान की भरपाई की है। यह जानकारी विधायक जीतू पटवारी के सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दी। विधायक पटवारी ने विधानसभा के माध्यम से पूछा था कि क्या सभी खर्च मिलाकर 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान प्याज खरीदी में सरकार को हुआ है जिस पर मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में 81.52 करोड़ और वर्ष 2017 में 580 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति सहकारिता विभाग के बजट से की गई है।

सरकार को नहीं पता जम्बूरी मैदान की किसान सभा का खर्च: राज्य सरकार पिछले माह जम्बूरी मैदान में हुए किसान सम्मेलन के परिवहन, भोजन, टेंट, साउंड, विज्ञापन, चाय-नाश्ते का खर्च बताने की स्थिति में नहीं है। इस मामले में विधायक जीतू पटवारी ने विधानसभा के माध्यम से जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही इस सम्मेलन में किस जिले से कितने किसान आए थे? यह आंकड़ा भी सरकार के पास नहीं है।

ढाई साल में नहीं दे पाए जवाब
विधायक जीतू पटवारी ने विधानसभा से पूछा कि दिसम्बर 2015 से लेकर अब तक कृषि विभाग से संबंधित 6 सवालों के जवाब राज्य सरकार क्यों नहीं दे रही है? करीब ढाई साल से पेंडिंग सवालों के जवाब कब मिलेंगे। इसके जबाव में मंत्री बिसेन ने कहा है कि विस्तृत जानकारी एकत्र किये जाने के कारण समय लग रहा है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi