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छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिलाओं ने किया कमाल: नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री ने की ‘मन की बात‘ में दंतेवाड़ा जिले की महिलाओं की तारीफ

Chhattisgarh tribal women did amazing: Narendra Modi

कहा: महिलाओं की आत्मनिर्भरता के साथ बदल रही माओवाद प्रभावित इलाके की तस्वीर

रायपुर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘मन की बात‘ की चालीसवीं कड़ी में छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित दंतेवाड़ा जिले में महिला सशक्तिकरण के लिए हो रहे प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने इस जिले में ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही आदिवासी महिलाओं के हौसले का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की आत्मनिर्भरता के साथ-साथ माओवाद प्रभावित इलाके की तस्वीर बदल रही है और पर्यावरण संरक्षण के काम को भी बल मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने इन महिलाओं को ई-रिक्शा के लिए अनुदान उपलब्ध कराने से लेकर प्रशिक्षण देने तक जिला प्रशासन की भूमिका की भी प्रशंसा की है।

Chhattisgarh tribal women did amazing: Narendra Modiमुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री के रेडियो प्रसारण में दंतेवाड़ा जिले के महिला स्वावलम्बन की सफलता के उल्लेख पर प्रसन्नता व्यक्त की है और कहा है कि यह हम सबके लिए गर्व की बात है। डॉ. सिंह ने कहा- इससे हम सबका और विशेष रूप से आदिवासी बहुल जिले की महिलाओं का उत्साह बढ़ा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात‘ में राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा- छत्तीसगढ़ की हमारी आदिवासी महिलाओं ने कमाल कर दिया है। उन्होंने एक नई मिसाल पेश की है। आदिवासी महिलाओं का जब जिक्र आता है, तो सभी के मन में एक निश्चित तस्वीर उभरकर आती है, जिसमें जंगल होता है, पगडंडियां होती हैं, उन पर लकड़ियों का बोझ सिर पर उठाए चल रही महिलाएं। लेकिन छत्तीसगढ़ की हमारी आदिवासी नारी, हमारी इस नारी-शक्ति ने देश के सामने एक नई तस्वीर बनायी है। छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा इलाका, जो माओवाद-प्रभावित क्षेत्र है, हिंसा, अत्याचार, बम, बन्दूक, पिस्तौल- माओवादियों ने इसी का एक भयानक वातावरण पैदा किया हुआ है।
श्री मोदी ने कहा- ऐसे खतरनाक इलाके में आदिवासी महिलाएं, ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बहुत ही थोड़े काल-खंड में कई सारी महिलाएं इससे जुड़ गई हैं और इससे तीन लाभ हो रहे हैं। एक तरफ जहां स्वरोजगार ने उन्हें सशक्त बनाने का काम किया है, वहीं इससे माओवाद-प्रभावित इलाके की तस्वीर भी बदल रही है और इन सबके साथ इससे पर्यावरण-संरक्षण के काम को भी बल मिल रहा है। यहां के जिला प्रशासन की भी मैं सराहना करता हूं। ग्रांट (अनुदान) उपलब्ध कराने से लेकर टेªनिंग देने तक, जिला प्रशासन ने इन महिलाओं की सफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

ajay dwivedi
the authorajay dwivedi